बहन की इज्ज़त पर हाथ उठाने वाले 2 विधर्मियो से अकेला लड़ा वो भाई…. खाता रहा चाकू के वार लेकिन आंच न आने दी इज्ज़त पर

भाई और बहन का रिश्ता सबसे अनमोल रिश्ता होता है। भले भाई अपनी बहन से जितना भी लड़ झगड़ ले लेकिन, जब बात बहन की इज्जत पर आती है तो वह

उसका सुरक्षा कवच बन कर उसकी रक्षा का ज़िम्मा अपने सिर पर ले लेता है। यूँ कह लीजिये कि अपनी बहन की इज्जत बचाने के लिए कोई भी भाई अपनी

जान की कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटता।
एक ऐसा ही मामला सामने आया हैं हाथरस के चंदपा गांव में जहाँ एक बहन को रास्ते में दो मनचले लड़के छेड़ रहे थे।

तभी उसके अकेले भाई ने उन लडको से

पूरा मुकाबला किया। दो मनचले होने की वजह से वह अकेला उनसे लड़ नही सकता था ये बात वह भी जनता था। लेकिन, फिर भी इस भाई ने अपनी बहन के

लिए लड़ना जरूरी समझा जिसके कारण एक लड़के ने उस पर चाक़ू से हमला बोल दिया और उसको लहूलुहान कर डाला। लेकिन भाई ने फिर भी हिम्मत नहीं

हारी और उस लड़के के गले को तब तक पकड़े रखा जब तक लोग वहां उसकी मदद के लिए नहीं आये।

आपको बता दे कि धर्मेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ फरीदाबाद में रहते था। लेकिन परिवार में एक शादी समारोह के कारण उनको हाथरस जाना पड़ा। धर्मेन्द्र

अपनी दोनों बहनों को बस में बैठने के लिए जा रहे थे। धर्मेन्द्र के छोटे भाई नरेश ने बताया कि उनकी बहनों का पेपर था जिसके कारण उन्हें धर्मेन्द्र बस स्टैंड ले

गया था। इसी के बीच दो लड़कों ने उसकी बहनों के साथ छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी। जिसमे से एक लड़के ने उसकी बहन का हाथ पकड़ लिया।

ऐसा देख धर्मेन्द्र

को गुस्सा आ गया और उसने उस मनचले को रोकने की कोशिश की। जिसके बाद उस मनचले ने धर्मेन्द्र की गर्दन पर चाक़ू से हमला कर दिया।
जब लोगों ने धर्मेन्द्र को इस हालत में देखा तो वह वहां इक्कठे हो गये और सबने मिलकर उस मनचले को मार पीट कर पुलिस के हवाले दिया। जबकि, दूसरा

लड़का वहां से भागने में कामयाब हो गया। एसपी सुशील धुले ने बताया, मामला जानकारी में है। पुलिस ने बताया कि जब तक धर्मेन्द्र को होश नहीं आता और

वह बयान नहीं दे देता, तब तक वह इस केस के खिलाफ की एक्शन नहीं ले सकते। फिलहाल धर्मेन्द्र अस्पताल में बेहोश पड़ा है और उसका इलाज किया जा रहा

है।

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