मजार पर मत्था टेकते पुलिसकर्मियों को मिल रही शाबाशी और भगवा कुर्ता पहनने पर सब इंस्पेक्टर को मिल रही सज़ा. यकीन कीजिये कि ये योगी का शासन है

जी हाँ , ये शासन है योगी आदित्यनाथ का का . वो मुख्यमंत्री जिन्होंने अपने तन से भगवा को कभी अलग नहीं किया, सभा देश की हो, विदेश की हो . घर वो आफिस हो या विदेश , उनके तन पर भगवा वस्त्र ही देखा गया . यहाँ तक कि उन्होंने भगवा के सम्मान में मुख्यमंत्री बनने से पूर्व बहुत संघर्ष किये थे . भगवा को आतंकवाद बताने पर पिछली कांग्रेस सरकार के खिलाफ सबसे बुलंद आवाज भी इन्ही योगी आदित्यनाथ की ही थी .

लेकिन उनके ही राज में भगवा वस्त्र पहनने वाले पुलिसकर्मी पा रहे हैं सजा और उन्हें माना जा रहा है पुलिस नियमावली का उल्लंघन करने वाला . इस से पहले यहाँ पर ध्यान रखने योग्य ये है कि अभी कुछ समय पहले ही IPS अफसर जावीद अहमद द्वारा सीधे सीधे नरेन्द्र मोदी को मुसलमान अधिकारियो के विरुद्ध भेदभाव करने वाला बताया गया था लेकिन उनका IPS का पद शायद सभी नियमावली पर भारी पडा और उनके खिलाफ कार्यवाही तो दूर, चर्चा तक नहीं की गयी..

इतना ही नहीं , कुछ समय पहले ही की बात है . बांदा में एक मजार है जिसका नाम हज़रत सैय्यद बाबा जरैली कोठी है . वहां पर लगने वाले  एक दिवसीय सालाना उर्स अपनी रस्मो रिवायत के साथ मनाया गया।उर्स में ग़ुस्ल,कुरान ख्वानी,फातेहा,लंगर, चादर पोशी, व खानकाही कव्वालियों का आयोजन किया गया। तमाम अकीदत मंदों के साथ साथ बांदा के पुलिस विभाग ने भी वहाँ पर चादर चढ़ाई थी . ये समय अप्रैल 2018 का है जब पुलिस वालों ने अपनी सरकारी टोपियाँ उतार कर माथे पर रुमाल बाँध लिया था और सर पर वर्दी में ही चादर रख कर इस उर्स में भाग लिया था जिसको सेकुलर सभ्यता मान कर पुलिस वालों को वाहवाही भी दी गयी थी . किसी ने भी उस समय इसको पुलिस मैनुअल का उल्लंघन नहीं माना था .

लेकिन अब मामला आया है उसी बांदा के बगल हमीरपुर जनपद से .  यहाँ पर जिला हमीरपुर में तैनात एक सब इंस्पेक्टर पर मात्र भगवा वस्त्र पहनने पर गाज गिरा दी गयी . यहाँ की राठ कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक रामआसरे त्रिपाठी के भगवा रंग का कुर्ता पहनने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था. इस वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने उसे लाइन हाजिर कर दिया है. पूरे मामले की जांच के आदेश भी किये गये हैं. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उपनिरीक्षक रामआसरे त्रिपाठी ने सेवा नियमावली का उल्लंघन किया है. मामले की जांच के आदेश दिये गये हैं. यद्दपि मजारों पर टोपी उतार कर रुमाल बांधे अकीदत करते पुलिस कर्मियों को सम्मानित करना और भगवा वस्त्र पहनने वाले पुलिसकर्मी पर गाज गिरना कहीं न कहीं खुद में एक सवाल पैदा करता है कि क्या सच में उत्तर प्रदेश में एक योगी का ही शासन है और उत्तर प्रदेश पुलिस का न्याय सबके लिए बराबर है ?

उत्तर प्रदेश जनपद  में अप्रैल 2018 में मजार पर चादर चढाते पुलिसकर्मी –

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