जेल के अन्दर पुलिसवाले पर हमला किया कुख्यात अपराधी शाहरुख पठान ने… वो सबूत दे रहा हामिद अंसारी को कि डरा कौन है

पिछले कुछ सालों से देश में एक ट्रेंड चला हुआ है कि देश का संविधान खतरे में हैं है. लोकतंत्र खतरे में है तथा देश का मुसलमान डरा हुआ है. तमाम राजनेता तथा तथाकथित बुद्धिजीवी ये जताने की कोशिश करते हैं कि हिंदुस्तान में अल्पसंख्यक मुसलमान सुरक्षित नहीं है. स्थिति ये हो गयी कि १० साल तक भारत के उपराष्ट्रपति रहे मोहम्मद हामिद अन्सारी तक ने मुस्लिमों को डरा हुआ बता दिया. खैर मोहम्मद हामिद अंसारी को जो कहना था उन्होंने कहा लेकिन अब मोहम्मद हामिद अंसारी को जवाब दिया है जेल में बंद कुख्यात अपराधी शाहरुख पठान ने. आको बता दें कि हरिद्वार जिला जेल रोशनाबाद में बंद शूटर शाहरुख पठान ने जेल में ही पुलिस वाले पर भीषण हमला किया तथा हामिद अंसारी को बताया कि वह कितना डरा हुआ है.

खबर के मुताबिक़ जेल के बंदी रक्षक सिपाही नितिन सजवाण की ने शाहरुख पठान को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से रोका तो उसने नितिन पर हमला कर दिया.  बंदी रक्षक ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की. इस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन भगवत प्रसाद मिश्रा को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. अपर जिलाधिकारी ने देर शाम को ही जेल पहुंचकर जांच शुरू कर दी. शुक्रवार की दोपहर जेल परिसर में ड्यूटी कर रहे बंदी रक्षक नितिन सजवाण का आरोप है कि शूटर शाहरुख पठान मोबाइल फोन पर बातचीत कर रहा था. बंदी रक्षक ने जब मोबाइल फोन छीनना चाहा तो शाहरुख ने कैदियों के साथ मिलकर उनकी पिटाई कर दी. वह जैसे तैसे बैरक से निकले और जेल अधीक्षक बीपी पांडेय को घटनाक्रम से अवगत कराया. आरोप है कि जेल अधीक्षक ने उल्टा उनको ही डाट दिया. बंदी रक्षक के साथ हुई मारपीट के बाद जेल अधीक्षक के व्यवहार से खफा सभी बंदी रक्षक भी एकजुट हो गए और जिलाधिकारी से शिकायत करने कलेक्ट्रेट पहुंचे जिस पर जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए.

ज्ञात हो कि वर्ष 2017 में हरिद्वार कोतवाली क्षेत्र की निर्मला छावनी कॉलोनी में कंबल व्यवसायी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी. एसटीएफ ने शहर को हिलाकर रख देने वाले हत्याकांड से पर्दा उठाया था, तब सामने आया था कि शूटरों के निशाने पर गोल्डी नहीं बल्कि उसके घर से चंद कदम की दूरी पर अपने परिचित के घर मौजूद कनखल का रहने वाला प्रॉपर्टी डीलर सुभाष सैनी था लेकिन हुलिया मिलता जुलता होने के चलते शूटरों ने गोल्डी की हत्या कर दी थी. आपको बता दें कि गोल्डी की हत्या शाहरुख पठान तथा उसके साथियों ने ही की थी.

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