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वहां गाय भी कटती थी और हथियार भी बनते थे.. जबकि महबूब आलम माना जाता था इलाके का सभ्य इंसान


उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ में उन्मादी महबूब आलम के नेतृत्व में चल रहे ऐसे गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है जो गोतस्करी के साथ साथ अवैध हथियार भी बनाता था. आज़मगढ़ पुलिस ने गो-तस्करी के साथ अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड कर भारी मात्रा निर्मित व अर्धनिर्मित अवैध तमंचा, रिवॉल्वर, पिस्टल के साथ ही कारबाइन जैसे घातक हथियारों के पार्ट व हिरन की सींग, गोमांस, गोमांस के अवशेष और मवेशी बरामद कर 12 अंतर्जनपदीय तस्करों को गिरफ्तार किया है.

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जानकारी के मुताबिक़, आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि ककरहटा गांव में महबूब आलम के घर में गो-तस्करी के लिए मवेशी को ले जाया जा रहा है. सूचना के बाद पुलिस की दो टीमों ने मकान पर छापेमारी की. पुलिस की छापेमारी से वहां हड़कंप मच गया. मकान के अंदर मौजूद लोगों ने धारदार हथियार से पुलिस टीम पर हमला बोल दिया, लेकिन पुलिस ने सर्तकता बरतते हुए मकान के अंदर से 12 तस्करों को गिरफ्तार कर लिया.

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पुलिस ने इनके कब्जे से 12 चापर, 17 अर्धनिर्मित नाल, भारी मात्रा में निर्मित व अर्धनिर्मित रिवाल्वर, तमंचा व शस्त्र बनाने का उपकरण के साथ ही कारबाइन जैसे घातक हथियारों के पार्टस व गोमांस, गोवंस के अवशेष, हिरन के सींग और मवेशी बरामद किये. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गये लोग केवल गोवंश की तस्करी ही नहीं बल्कि काफी बड़े पैमाने पर असलहों की तस्करी करने का काम भी करते थे. उन्होंने बताया कि इनके सम्बन्ध जेल में बंद अपराधियों और गैंगेस्टरों से भी हैं. ये जिले ही नहीं बल्कि जिले बाहर भी लोगों को असलहा मुहैया कराते थे. अभी मामले की जांच जारी है, इसमें और बड़े और चौंकाने वाले खुलासे होंगे.

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