योगीराज में पुलिस ने कुचल दिए उस अपराधी के तेवर जिसके कारण पलायन कर गया था एक परिवार..

एक समय था जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना से हिन्दुओं का पलायन हुआ था, मजहबी आक्रांताओं के खौफ से हिन्दू समुदाय के कई परिवार अपने घर-मकान-दुकान छोड़कर दूसरे राज्यों में पलायन कर गए थे. उस समय न तो प्रशासन इन मजहबी आक्रांताओं को रोक पा रहा था और ना ही तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार. लेकिन अब समय बदल चुका है तथा योगीराज में शासन और प्रशासन दोनों ही मुस्तैद नजर आ रहे हैं. जो आक्रांता पूर्ववर्ती सरकार में खौफ का पर्याय बने हुए थे, उनके फन योगीराज में कुचले जा रहे हैं.

ताजा मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद का है. आपको बता दें कि देवबंद के गांव बन्हेंडा से पलायन करने वाला परिवार पुलिस सुरक्षा में अपने घर वापस लौट आया है तथा पुलिस ने हिन्दू परिवार को पलायन को मजबूर करने वाले मजहबी आक्रांता सलीम के हवा हवाई तेवरों को कुचलते हुए जेल भेज दिया है. जो सलीम कल तक देवबंद के गांव बन्हेंडा के हिन्दुओं के लिए खौफ का पर्याय था वो सलीम आज सलाखों के पीछे कैद है. शायद सलीम को अब ये भी एहसास हो गया होगा कि यूपी में अब अखिलेश नहीं बल्कि योगीराज है. जानकारी के अनुसार गांव बन्हेडा निवासी संदीप प्रजापति और अमित प्रजापति की गांव के ही सलीम पक्ष के लोगों से छह जून को मारपीट हो गई थी. संदीप प्रजापति पक्ष की ओर से आरोपी सालिम के खिलाफ पुलिस में रिर्पोट दर्ज कराई गई थी. संदीप पक्ष का आरोप था कि इसके बादआरोपी लगातार उन पर रिर्पोट वापस लेने का दबाव बना रहे है तथा जान से मरने की धमकी दे रहे थे.

इसके बाद अमित का परिवार सलीम के डर से पलायन कर गया था. जब मीडिया में पलायन का यह मामला उछला तो लखनऊ तक हडकंप मच गया. जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और मजहबी आक्रांता सलीम को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया तथा हिन्दू परिवार की वापसी करा दी. एसपी देहात विद्या सागर मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि पीडित परिवार को सुरक्षा मुहैया करा दी गई है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने आरोपी सालिम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

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