घर से उठा ले गया था अपराधी अखलाख..जब जान बचाकर थाने पहुँची तो थानेदार मिला असलम जिसने दिखाया उससे भी घृणित रूप….शर्मशार हुआ योगीराज का मेरठ

जब अखलाख ने एक शादीशुदा महिला को अगवा करके 2 दिन तक उसका दुष्कर्म किया तथा ब्लेड से काटकर उसको घायल कर दिया. जब पीडिता ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट लिखानी चाही थो एसओ असलम ने प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय पीडिता को ही थाने से भगा दिया. आखिर कौन सी सोच है जो पुलिस की वर्दी पहिनने के बाद भी वो अपने उन्मादी तथा दुराचारी विचारों को नहीं त्यागती? वर्दी पहिनने के बाद जब उसको समाज के रक्षक समाज के सेवक की भूमिका निभानी चाहिए तब वो कुख्यात अपराधी दुराचारी का सहायक बनता है तथा उस पर कोई कार्यवाही करने के बजाय पीडिता को ही प्रताड़ित करता है.

ताजा मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ से जुड़ा हुआ है. मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के निवासी हिस्ट्रीशीटर बदमाश काले ने शहर की ही एक युवती का अपहरण किया तथा दो दिन तक उसके साथ दुराचार किया. पीडिता ने बताया कि अखलाख ट्रैक्टर एक बहुत बड़ा अपराधी है तथा काले कारनामों को अंजाम देता है. लेकिन स्थानीय सूत्रों की माने तो वह ये सारे कार्य कुछ पुलिस वालों से मिलकर करता है . जहाँ एक तरफ कई पुलिसकर्मी दिन रात एक कर के अपराध के दमन की हर सम्भव कोशिश कर रहे हैं वहीँ असलम जैसे कुछ वर्दीवालों के चलते ये इस ऐसे अपराधियों के मनोबल को बल मिलता है . 

पीडिता ने पुलिस को रो रो कर बताया कि अखलाख ने उसको अगवा किया बंधक बनाकर दो दिन तक उसके साथ दुराचार किया और अपने लिए न्याय की गुहार के साथ दुराचारी अखलाख के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की . उसने आगे बताया कि उसके साथ हो रहे दुराचार का  विरोध करने पर उसको पीटा गया गया था ब्लेड से उसके हाथों को भी काटा जिससे वो घायल हो गयी.  2 दिन बाद किसी तरह बंधनमुक्त होकर वो अपनी सास के पास पहुँची तथ आपबीती सुनाई.

पीडिता के अनुसार वो अपनी सास के साथ मेरठ लिसाड़ी गेट थाने गयी तथा थानेदार को सारे घटना की जानकारी दी. लेकिन आरोपी अखलाख से सम्बन्धों के कारण एसओ असलम ने रिपोर्ट तक नहीं लिखी तथा थाना से भगा दिया. पीडिता का कहना है पुलिस की शाह पर ही अखलाख ने 2 दिन तक उसका दुराचार किया है वो पुलिस वालों से मिला हुआ है जिसके कारण पुलिस उस पर कोई कार्यवाही नहीं करती है. पीडिता गुरूवार को एसएसपी ऑफिस पहुँची तथा आपबीती सुनाई हालाँकि अभी तक अपराधी अखलाख को गिरफ्तार नहीं किया गया है. इस मामले में ध्यान देने योग्य है कि मेरठ की पुलिस प्रमुख खुद एक महिला हैं और कल राष्ट्र और संसार अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा था , अब सबको प्रतीक्षा है न्याय की जो मेरठ पुलिस के उच्चाधिकारियों के हाथ में है. 

अगर पूरे मामले पर गौर किया जाय तो महिला शशक्तिकरण के दावे करने वाले योगी और मोदीराज को असलम जैसे कुछ पुलिस वाले कहीं न कहीं से अपने कृत्यों के चलते कलंकित कर रहे हैं .. मेरठ एक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है जहाँ की पुलिस अतिचौकसी बरतती है था त्वरित कार्यवाही करती है. लेकिन इस सबके बीच असलम जैसे थानेदार भी मौजूद हैं जो मेरठ पुलिस के साथ साथ पूरी उत्तर प्रदेश पुलिस पर काले धब्बे की तरह है. एक तरफ मेरठ पुलिस में वीर अंकित तोमर जैसे सिपाही कानून के लिए अपना बलिदान दे देते हैं वहीं असलम जैसे लोग भी मौजूद हैं जो कानून का सौदा कर लेते है. इस सबके पीछे संभव है कि असलम की मजहबी मानसिकता भी हो. 

अखलाख तो एक अपराधी था लेकिन असलम तो थानेदार था. असलम तो उत्तर प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करता था उसके बाद भी आखिर क्यों असलम ने पीडिता की मदद करने के बजाय उसको हड़काकर भगा दिया तथा अपराधी अखलाख के खिलाफ कार्यवाही नहीं की? आखिर SO असलम का अपराधी अखलाख से क्या सम्बन्ध है जो उन्होंने अखलाख के खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिखी तथा उस पर कार्यवाही नहीं की, ये एक बहुत बड़ा सवाल है और मेरठ पुलिस को इसका जवाब देना होगा.

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