सऊद के आगे घुटने न टेकते तो सुरक्षित होतीं बाकी तमाम छात्राएं….इलाहाबाद में सरेराह छेड़छाड़

कभी वो नाम बदलकर लव जिहाद के रूप में विशेष साजिश के तहत आपकी बहिन बेटियों को प्रेम के चंगुल में फँसाते हैं तो कभी वे अपनी दबंगई अपनी गुंडागर्दी के दम राह चलते आपकी बच्चियों आपके परिवार की महिलाओं के साथ छेड़खानी करते हैं दुराचार करते हैं. और हाँ ये सब आपके रहते आपके ही क्षेत्र में होता है. ताजा मामला उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से जुड़ा हुआ है. इलाहाबाद में आक्रान्ताओं का खौफ इतना ज्यादा बढ़ गया है कि आये दिन महिलाओं से छेड़खानी की खबरें सामने आती रहती हैं. स्कूल जाती छात्राओं के साथ छेड़खानी आम बात हो गयी है.

कल शनिवार को एक बार फिर इलाहाबाद के धूमनगंज के बम्हरौली में शनिवार को स्कूल जा रही छात्राओं से पांच लडकों ने छेड़खानी की. खबर के मुताबिक धूमनगंज के बम्हरौली के एक गाँव की छात्राएं पास के ही एक स्कूल में पढने जाती हैं. रोज की तरह की शनिवार को भी छात्राएं स्कूल गईं थी लेकिन वापस आते समय दोपहर 12 इमरान व मो. शाकिब अपने तीन साथियों जैद, फरहान और मो. अनीस के साथ बाइक से आये तथा छात्राओं के साथ छेड़खानी की तथा अश्लील कमेन्ट किये. जब छात्राओं ने विरोध किया तो आक्रान्ताओं ने गाली गलौच की तथा उनके दुपट्टे खींच लिए. राह चलते एक व्यक्ति ने रोकने की कोशिश की तो उस पर हमला बोल तथा असलाहे लहराते हुए भाग गये.

खैर इलाहाबाद में ये छेड़खानी की घटना आश्चर्यजनक नहीं है. इलाहाबाद के पडोसी जिले कौशाम्बी में तो मोहम्मद सऊद जैसा अपराधी जब एक महिला अधिकारी BDO के साथ दुर्व्यवहार कर सकता है तो  इमरान व शकीब क्यों नहीं कर सकते? जब एक ब्लोक की BDO पर मोहम्मद सऊद बंदूक तान सकता है तो उसी परिक्षेत्र में स्कूल जाती छात्रों के दुपट्टे खींचना अपराधियों के लिए यकीनन मुश्किल नहीं है. जहाँ एक महिला अधिकारी खुद सऊद जैसे आक्रान्ताओं से सुरक्षित नहीं है तो फिर आम महिलाएं सुरक्षित हो भी कैसे सकती हैं क्योंकि वहां का पुलिस प्रशासन तो सऊद जैसे तमाम अपराधियों के आगे नतमस्तक है. इस मामले में अचानक चायल विधायक श्री संजय गुप्ता भी सक्रिय दिखे जो सउद के मामले में एकदम खामोश रहे और न्यूज़ चैनल से दूरी बना कर रखी थी . 

एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महिलाओं की सुरक्षा के लिए तमाम दावे कर रहे हैं लेकिन उसके बाद संगम नगरी में महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया है क्योंकि वहां का पुलिस प्रशासन गुंडे मवालियों पर कार्यवाही करने में असमर्थ है. एक तरफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पुलिस ने अपराधियों का जीना मुहाल कर दिया है तथा अपराधी तख्ती लेकर घूम रहे हैं कि हमें माफ़ कर दो हम अपराध नहीं करेंगे वहीं एक तरफ पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद  की पुलिस है समाज के दुश्मनों, अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पडी है.

इलाहाबाद रेंज में ही पड़ने वाले पडोसी जनपद कौशाम्बी की पुलिस ने एक महिला BDO अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करने वाले मोहम्मद सऊद के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की होती तो पडोसी जनपद और उसी परिक्षेत्र  इलाहाबाद के अपराधियों में खौफ पैदा हुआ होता .और यकीनन आज इमरान व शकीब जैसे लोग स्कूल जाती छात्रों का रास्ता न रोक पाते व हिन्दुस्तान के भविष्य की कर्णधार छात्राएं डर से निकलकर पूरे जोश के स्कूल जाती. समझ नहीं आता है कि जहाँ पश्चिम उत्तर प्रदेश की पुलिस के डर से अपराधी नतमस्तक हैं तो पूर्वी उत्तर प्रदेश की पुलिस अपराधियों के आगे नतमस्तक है जबकि दोनों एक ही सूबे की पुलिस हैं.

धूमनगंज के स्कूल जाती छात्रों के साथ छेड़खानी के मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है तथा छात्राओं की अस्मिता लूटने का प्रयास करने वाले अपराधी अभी तक फरार हैं जो इलाहबाद पुलिस की वास्तविकता तथा लापरवाही को सामने लाने के लिए काफी है. इंस्पेक्टर धूमनगंज केपी सिंह ने बताया कि नामजद रिपोर्ट लिखी गई है लेकिन आरोपी गिरफ्त से बहार हैं हालाँकि आरोपियों की तलाश की जा रही है. लेकिन जिस तरह से इलाहबाद पुलिस अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही करने में विफल है वो निश्चित ही उत्तर प्रदेश के लिए एक शर्मनाक बात है.

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