अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एक और मामला खुला.. एक बार फिर एक औरत को मिली है भयानक प्रताड़ना

हाल ही भाजपा सरकार ने मुस्लिम महिलाओं की समस्याओं को मद्दे नज़र रखते हुए तीन तलाक जैसे मसले में कई क़ानूनी फैसले लिए थे. जिसके बाद कुछ मजहबी लोगों ने इसका विरोध भी किया था। पर तीन तलाक जैसे मामले में क़ानूनी रोक लगाने के बावजूद भी मजहबी लोगों की बतमीजी कम नहीं हुई. यह लोग आज भी मुस्लिम महिलाओं के साथ घरेलु हिंसा करने में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमे एक मजहबी पुरुष पर उसकी पत्नी ने हुई अहिंसा के प्रति शिकायत दर्ज की है जिससे यह मामला काफी सुर्ख़ियों में आ चूका है। सुर्ख़ियों में आने की वजह और भी है क्यूंकि ये मामला अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ है.

दरअसल एएमयू संस्कृत विभाग के प्रोफेसर खालिद बिन यूसुफ के पत्नी से विवाद के बाद अब एएमयू पीआरओ उमर सलीम पीरजादा का उनकी पत्नी से विवाद सुर्खियों में आ गया है। उनकी पत्नी ने हुई हिंसा का जिक्र करते हुए अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. जिसमे उन्होंने संगीन आरोप लगाए हैं। सोमवार के बाद मंगलवार को पत्नी उमर सलीम पीरजादा की पत्नी डॉ. सालेहा से मिलने पहुंची. जिसके बाद वह शिकायत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ,” उन्होंने घरेलू हिंसा के संबंध में परिवार परामर्श केंद्र में शिकायत की थी. जिसकी तीन माह कॉन्सेलिंग होने के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला। डॉ. सालेहा ने पति पर उत्पीड़न, मारपीट करने और धमकाने का आरोप लगाया है।

एसएसपी को लिखी शिकायत के मुताबिक डॉ. सालेहा ने कहा है कि,”जब भी शिकायत की बात करती है तो उनके पति उन्हें धमकाते हैं इसके अलावा अपनी ऊँची पहुँच की भी धमकी देते हैं। । डॉ. सालेहा के अनुसार पति उन पर शक भी करते और उन्हें घर के अंदर बंद करके जाते थे।

उन्होंने एसएसपी से कहा कि मुकदमा दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की जाए। इस संबंध में डॉ. सालेहा से बात करने की कोशिश की गई। मामले को लेकर एसएसपी का कहना है कि चूंकि मसला पारिवारिक है, इसलिए प्रयास है कि काउंसलिंग से ही निपट जाए। अगर बात नहीं बनी तो मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। 

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