17 हिन्दू परिवारों का विधर्मियों द्वारा करवाया धर्मान्तरण,, सह नहीं पाया हिन्दू समाज.. मामले की गूज DGP और मुख्यमंत्री तक

विधर्मी ताकतों के लगातार हमले झेल रहे सनातन हिन्दू धर्म पर एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के मेरठ के सरधना में विधर्मियों ने हमला किया तथा धोखे से 17 हिन्दू परिवारों का धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया. जब चर्च का पादरी हिन्दुओं का धर्मांतरण करा रहा था तो किसी गुप्त सूचना के आधार पर बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचे तथा पादरी को दबोच लिया व उसकी जमकर पिटाई कर दी. सूचना मिलने पर पर स्थानीय पुलिस पहुँची तथा पादरी को गिरफ्तार कर लिया.

मेरठ में ईसाई मिशनरियों के हिन्दू धर्म पर इस हमले को हिन्दू समाज सह नहीं पाया तथा लोग सड़कों पर उतर आये. हिन्दू जनता ने साफ कर दिया कि पादरी को तो गिरफ्तार कर लिया गया है लेकि चर्च पर भी ताला लगाया जाना चाहिए, वरना जनता खुद ऐसा करेगी. मेरठ के सरधना में हुए इस धर्मानतरण की गूँज लखनऊ से दिल्ली तक पहुँच चुकी है तथा जहाँ केंद्रीय गृह मंत्रालय से उत्तर प्रदेश सरकार से रिपोर्ट तालाब की है वहीं उत्तर प्रदेश के DGP ने मामले कि जांच के आदेश दिए हैं तथा कड़ी कार्यवाही करने को कहा है.  उधर हिन्दू संगठनों ने एसएसपी से मिलकर धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह को पकड़ने की मांग की है. मामला राष्ट्रीय स्तर पर हाईलाइट हो जाने के बाद जिला पुलिस इस मामले को लेकर सक्रीय हो गई है तथा छानबीन में जुट गई है.

धर्म परिवर्तन के मामले में गांव मोह्ददीनपुर निवासी लीलावती व उसके 13 वर्षीय पुत्र विशाल तथा पुत्रवधू रेखा ने बताया कि वे सरधना में पकड़े गए पादरी दीपेंद्र प्रकाश मालेवार को नहीं जानते हैं. वे पिछले तीन वर्ष से साधारण रूप से खतौली के चर्च में कभी कभार जाने लगे थे. लीलावती का कहना है कि वे अपना हिंदू धर्म परिवर्तन नहीं करना चाहते हैं तथा वह हिन्दू होने पर गर्व महसूस करते हैं लेकिन इंसानियत के नाते परिचित ईसाई लोगों के साथ आपसी प्रेम भाव मैं चर्च जाने लगे, फिर एक दिन जरूरी काम कि बात कहकर उनसे फोटो तथा धार कार्ड मांगे गए. उनको यह भी जानकारी नहीं थी कि चर्च में जो उनके फोटो व आधार कार्ड की छाया प्रति मांगी गई वे उनका क्या करेंगे. उन्होंने कहा कि धोखे से उनका धर्मानतरण कराया गया है तथा अब वह कभी चर्च नहीं जायेंगे, साथ ही उन्होंने आरोपी पादरी को कड़ी सजा देने की मांग की.

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