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बरेली में तोड़ डाला प्रभु हनुमान का मन्दिर.. आक्रोशित हुआ हिन्दू समाज , इलाका गूँज रहा पुलिस के बूटों की आवाज से

इसको एक सांकेतिक शुरुआत तो नहीं माना जाय मज़हबी कट्टरपंथ का उन सभी के खिलाफ जो सहमत नहीं है उसके मत और सोच से . ताबड़तोड़ बलात्कार की आंधी में अब एक और दुस्साहस किया गया है सहिष्णु समाज के धैर्य की परीक्षा लेने के लिए .. निशाना उस इलाके को बनाया गया है जहाँ हिन्दू आबादी धीरे धीरे कम होती जा रही है और तेजी से बढ़ रही है एक ही पक्ष की आबादी .. वो जिला बरेली है जहाँ के जिलाधिकारी कुछ माह पहले प्रेम और भाईचारे का पाठ पढ़ा रहे थे . 

विदित हो की एक दुस्साहसिक घटना में उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में में कल देर शाम पौराणिक महत्व के प्रचीन हनुमान जी के मंदिर में रखी मूर्तिया तोड़े जाने से भारी बवाल हो गया. स्थानीय जनता द्वारा पूजित इन मूर्तियो को तोड़े जाने से आम समाज और हिन्दू समाज मे जबरदस्त आक्रोश है. पावन मंदिर में दुस्साहसिक रूप से मूर्तिया तोड़े जाने से दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए.  इस मामले में कट्टरपंथी अपनी गलती लेने के बजाय दोषारोपण दूसरे पक्ष पर कर के अपने आप को सही साबित करने की दुस्साहिसक कोशिश कर रहे थे .. जब दोनों समुदाय के आमने सामने आने की खबर पुलिस को हुई तो पुलिस सक्रिय हो गयी . 

इस दुस्साहसिक घटना की खबर लगते ही कई थानों की पुलिस और एसपी ग्रामीण और एसपी क्राइम मौके पर पहुंच गए. इस आपराधिक घटना का शिकार बना है आंवला के रहटुइया में प्राचीन हनुमान मंदिर जो आम जनता के आराधना का केंद्र भी है, जहां पर हनुमान जी के अलावा भगवान शिव और उनका पूरा परिवार विराजमान है. जिहादी और कट्टरपंथी लोगों ने ने देर शाम  भगवान गणेश, नंदी समेत कई मूर्तिया तोड़ डाली. रहटुइया गांव में बवाल की खबर लगते ही पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया. एसपी ग्रामीण डॉ सतीश कुमार, एसपी क्राइम रमेश कुमार भारतीय समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई और किसी तरह से हालात पर काबू पाया. आला अधिकारियों के अस्वासन के बाद भीड़ शांत हुई. ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और मंदिर में नई मूर्तिया लगाई जाए.आंवला में पिछले साल सावन के महीने में कावड़ यात्रा के दौरान भी जमकर बवाल हुआ था. बबाल के दौरान हुए पथराव में दर्जनों पुलिसकर्मियों के अलावा कई कावड़िए भी घायल हुए थे. और एक बार फिर से आंवला में संप्रदयिकता कई चिंगारी सावन से कुछ समय पहले भड़क उठी है. फिलहाल इलाका पुलिस के बूटों की थाप से गूँज रहा है और अभी तक किसी तथाकथित धर्मनिरपेक्ष नेता ने इस मामले पर कोई बयान आदि नहीं दिया है . इस घटना ने मज़हबी कट्टरपंथ के एक नए रूप से आम जनता को परिचित करवाया है … 

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