योगीराज UP में जालौन के DM “मन्नान अख्तर” जिन्हें सब समझते थे बेहद शरीफ अधिकारी, पर वो निकले कुछ और ही

एक जिलाधिकारी जैसी सबसे बड़ी पोस्ट पर बैठा व्यक्ति किस स्तर तक जिम्मेदार होता है और होना चाहिए लेकिन जब वो किसी और रूप में आ जाए तो वो समाज और देश के लिए उसी स्तर का घातक भी साबित होता है . एक प्रशासक की सबसे पहली जिम्मेदारी होती है कि वो अपने ऊपर के शासक का आदेश माने और उसको तदनुसार लागू करे लेकिन जब वो अपने पद का दुरूपयोग करना शुरू कर दे तो हालात विषम होने लगते हैं 

ऐसे ही मामले  में आज का चर्चा में है उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण जिले जालौन के जिलाधिकारी मन्नान अख्तर . इन्होने न जाने कैसे सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव से अपने रिश्ते जोड़ लिए हैं और उतर गये हैं चारा घोटाले के आरोप में रांची की जेल में बद लालू प्रसाद यादव के पक्ष में पैरवी करने के लिए . इस बेहद सनसनीखेज मामले में जालौन के डीएम डॉ.मन्नान अख्तर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रडार पर हैं।

इस मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में जालौन के डीएम डॉ. मन्नान अख्तर के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. २०११ में कभी यही DM मन्नान खुद योगी आदित्यनाथ की कर्मस्थली गोरखपुर के मुख्य विकास अधिकारी रह चुके हैं . इस जिलाधिकारी डॉ. मन्नान अख्तर पर उस जज पर दबाव बनाने का आरोप है जिन्होंने दुर्दांत अपराधी शहाबुद्दीन के बेहद करीबी और चारा घोटाले में सज़ा पाए लालू प्रसाद यादव को सजा सुनाई थी. इन जज साहब का नाम शिवपाल सिंह है जो सीबीआई के विषेश जज हैं .  इस मामले में योगी आदित्यनाथ सरकार अपराधी की पैरवी करने पर बिफरी हुई है। शासन ने आला अधिकारियों को दोपहर तक तलब किया है। दिल्ली से भी आला कमान ने चीफ सेक्रेटरी से भी उनकी रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद से शासन में हड़कंप मचा हुआ है। 

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के सख्त निर्देशों के बाद झांसी के कमिश्नर अमित गुप्ता ने डीएम डॉ मन्नान अख्तर के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। यद्दपि अभी ये भी जांच का विषय बन सकता है कि अपराधियों की पैरवी करने वाले इस जिलाधिकारी मन्नान ने पिछले कार्यकाल में किन किन अधिकारीयों को लाभ आदि पहुचाया है और लालू के शासन के समय में उन्होएँ किस किस प्रकार से और किस किस रूप में उनकी सहायता की और उनके कितनो का साथ दिया . साथ ही जांच का विषय ये भी हो सकता है कि क्या लालू और मन्नान अख्तर के रिश्तों के बीच दुर्दांत अपराधी माफिया डॉन शहाबुद्दीन तो नहीं है जिसने इस रिश्ते को पक्का बनाने में मध्यस्थता निभाई हो . 

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