महादेव की नगरी काशी में विवाहिता को घर से उठा ले गए मुबारक, मुमताज़, इश्लामुद्दीन और हबीब.. भजन कीर्तन के बीच गूँज रही थी पीड़िता की चीखें, नोच डाला शरीर

ये आंधी जैसी चल रही है बलात्कार की . हर तरफ निशाने पर नारी है और निशानेबाज़ के रूप में केवल एक ही विचारधारा के लोग .. चीखें और कराह के बीच में उनके अट्टहास सत्ता और मानवता को सीधे सीधे चुनौती दे रहे हैं लेकिन तथाकथित मानवाधिकार और नामचीन बुद्धिजीवियों के चलते इन पर वो कड़ी कार्यवाही नहीं हो पा रही है जिसके ये असल में पात्र हैं . कभी मंदसौर , कभी चंदौली , कभी मुजफ्फरनगर तो अब महादेव की उस नगरी काशी में हुआ है बलात्कार जो अपनी धार्मिकता और आध्यात्मिक के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है .. कलंकित कर दिया गया वहां मानवता को कुछ विधर्मियो द्वारा . 

ज्ञात हो की सरकार ने जैसे ही बलात्कार जैसी जघन्य घटनाओ पर फांसी की सज़ा का एलान किया वैसे ही एक विचारधारा ने उसको एक चुनौती के रूप में लिया और कर दिया हमला सत्ता के इस आदेश पर .. उन्होंने खोज खोज कर महिलाओं और बालिकाओं को बनाना शुरू कर दिया निशाना और हर दिन कहीं न कहीं तबाह करने लगे एक नारी का जीवन .इस क्रम में बीती रात महादेव शिव की नगरी व् प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र  वाराणसी के लोहता इलाके में गर्मी से परेशान घर के बाहर सो रही विवाहिता के साथ पड़ोस के चार लोगों ने मिलकर गैंगरेप किया। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

महिला ने चीख चीख कर बताया की उसके शरीर के साथ इंसानो नहीं बल्कि जानवरों की तरह से पेश आया गया है और की गयी है भयानक दरिंदगी..पीड़िता युवती ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि चारों आरोपी उसी के पड़ोस के रहने वाले हैं जिनके नाम मुबारक, मुमताज़, इश्लामुद्दीन और हबीब हैं . वो दबे पाँव उसके पास पहुंचे और विवाहिता का मुंह दबाकर उसको घर के अंदर उठा ले गए। और इन सभी आरोपियों ने रात के अंधेरे में, मौका देख उसके साथ जानवरों की तरह दरिंदगी की। यही नहीं शरीर को नोंच-नोंच कर वहशी दरिंदों की तरह बर्ताव भी करते रहे। पीड़िता के मुताबिक उसके लाख कोशिशों के बाद भी वो उनके चंगुल से जब नहीं छूट पाई तो पीड़िता ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर की आवाज़ सुनकर आस-पास के लोग वहां पहुंचे, लेकिन सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। इस मामले में एक बार फिर से ख़ामोशी छाई है उस बॉलीवुड में जिसने पिछले कई मामलो में एक संगठित फ़ौज की तरफ समाज को एक दिशा में मोड़ने का प्रयास किया था . 

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