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योगीराज की पुलिस ने दलित महिला का अपमान कर रहे शमशाद को चटाई धूल. दलित बस्ती बोल पड़ी-“योगी जैसा कोई नहीं”

क्या दलितों के ठेकेदार केवल हिन्दू एकता को तोड़ने के लिए ही चुनावी समय मे दहाड़ते हैं , या उनकी राजनीति केवल एक ही पार्टी  तक सीमित है जिसके खिलाफ वो केवल बाकी पार्टियों का मोहरा भर बन कर कार्य करते हैं ? मुजफ्फरनगर नगर के खतौली से थोड़ी दूर ही भीम आर्मी का मुख्यालय है लेकिन शमशाद का नाम आते ही उनके हाथ पैर कांप गए थे जबकि उन्हें केवल दंगाई रावण की फिक्र है , किसी पीड़िता की नहीं ..ऐसे में योगीराज की पुलिस ने दिलाया न्याय ..

ज्ञात हो कि पहले तो दलित महिला से अभद्र व्यवहार किया फिर खुद पर अखिलेश यादव का समाजवादी बिल्ला लगा कर थाने पहुंचे सपा नेता को योगीराज की खतौली पुलिस ने जमीन सुंघा दी और दिखा दी उसकी असल जगह ..सपा नेता को पुलिस पर रौब गालिब करना तब महंगा पड़ा जब खतौली कोतवाल अम्बिका प्रसाद भारद्वाज ने सपा नेता को खरी-खोटी सुनाकर हवालात में घुटनो के बल बैठा दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मौहल्ला देवीदास निवासी दलित महिला  घर के पास स्थित डेरी पर दूध लेने गयी थी। बताया गया कि वहा दूध लेने आये मौहल्ले के ही शमशाद अब्बासी ने दलित महिला के साथ बदतमीजी और गाली गलौज की.. इस बदतमीजी को देख कर भी उस स्थान के तमाम तथाकथित बसपाई आदि नेता खामोश रहे और शमशाद के ही साथ खड़े दिखे जिसके बाद मजबूरन दलित महिला अपने पति सन्दीप के साथ शमशाद के घर शिकायत लेकर पहुँची। आरोप है कि वहाँ मौजूद शमशाद व उसके पुत्रों ने दलित दम्पत्ति को जातिसूचक शब्द कहकर इनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारने पीटने की गम्भीर धमकियां देते हुते क्रूरता भरा रूप दिखाया ..

आखिरकार थक हार कर ये परिवार थाने गया जहा  सन्दीप ने तहरीर देकर कार्यवाही किये जाने की मांग की . थोड़ी देर बाद  शमशाद की हिमायत में थाने पहुँचे एक सपा नेता ने अपनी पार्टी के जिलाध्यक्ष की बात मोबाईल फोन पर कोतवाल अम्बिका प्रसाद भारद्वाज से कराकर अपना रौब गालिब करना चाहा, तो उनका पारा चढ़ गया तथा कोतवाल ने सपा नेता को खूब खरी-खोटी सुनाकर हवालात में बैठा दिया। सपा नेता ने अपनी सरकार बनने पर इंस्पेक्टर को देख लेने तक की धमकी दी जिसका उन पर उल्टा असर ही हुआ ..

चर्चा है कि इसके बाद हवालात में बैठे सपा नेता की हिमायत में कोतवाली पहुँचे और कई सपा नेताओं को भी कोतवाल अम्बिका प्रसाद भारद्वाज का गुस्सा झेलना पड़ा। दूसरी और आरोपी पक्ष के कुछ लोग पीड़ित दलित दम्पत्ति की खुशामद कर दोनों पक्षों में फैसला कराने के लिये सक्रिय हो गये थे। दलित महिला के सम्मान में योगीराज की सक्रिय पुलिस के ऐसे न्यायप्रिय रवैये के बाद पूरे इलाके के दलित समाज मे पुलिस व योगी आदित्यनाथ की दिल खोल कर प्रशंशा हो रही है .. दलित बस्तियों में भाजपा व भगवा झंडे लगे दिख रहे हैं और कई जुबानों से ये कहते सुना गया कि -” योगी जैसा कोई नहीं” …

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