योगीराज की सक्रियता के चलते स्कूलों के इस्लामीकरण के बाद अब लगातार पोल खुल रही फर्जी आश्रय गृहों की. अब हरदोई के शेल्टर हाऊस में गायब मिलीं 19 महिलाएं

एक के बाद एक घटनाओं का ऐसे खुलासा श्रृंखलाबद्ध तरीके से होना ये बता रहा है कि उत्तर प्रदेश में न तो स्कूलों में पढ़ने जाने वाले बच्चों का भविष्य सुरक्षित था और न ही शेल्टर हाऊस में रहने वाली महिलाओं का जीवन व इज़्ज़त .. जहां पिछले काफी लंबे समय से स्कूलों का इस्लामीकरण करवा कर वहां मज़हबी शिक्षा दी जा रही थी , तो वहीं नारी संरक्षण गृह बन चुके थे नारियों के शोषण का अड्डा जिस पर पहले की किसी सरकार ने शायद ही कभी कार्यवाही की रही हो ..बिहार से निकले इन कुकृत्यों की आंच देवरिया और फिर उसके बाद अब हरदोई तक पहुँच गयी है . 

इतना ही नहीं, अभी कई अन्य राज खुलने भी बाकी हैं ..ज्ञात हो कि हरदोई के स्वाधार गृह से 19 महिलाओं के गायब होने के मामले में जिलाधिकारी पुलकित खरे के निर्देश के बाद एफआईआर के निर्देश दिये गए हैं. बताया जाता है कि सरकारी योजना का लाभ लेने के मकसद से महिलाओं के फर्जी नाम दर्ज किये गए थे. वास्तव में जो महिलायें यहाँ कभी थीं ही नहीं उनके नाम का इस्तेमाल कर सरकारी योजना का लाभ उठाने की कोशिश की गई. संस्था के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है.

हरदोई में स्वाधार गृह से 19 महिलाओं के गायब होने के मामले में यह पता चला है कि आयशा ग्रामोद्योग द्वारा बेनीगंज कस्बे में महिलाओं के स्वरोजगार के लिए उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए बेनीगंज कस्बे में स्थित स्वाधार गृह का जिलाधिकारी पुलकित खरे द्वारा गत दिवस आकस्मिक निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान 21 पंजीकृत महिलाओं में से सिर्फ 2 महिलाएं ही मौके पर मौजूद पायी गईं.

जांच में पता चला कि शेष 19 अपात्र महिलाओं के नाम फर्जी तरीके से सूची में अंकित किये गये, और फर्जी सूची तैयार की गई थी. संभवतः यह महिलाएं आस-पास के गाँव की होंगी जिनके पते सूची में डाले गये हैं. जिसकी जांच के आदेश एवं संस्था के विरुद्ध कार्रवाई किये जाने के निर्देश भी निर्गत दिये गए हैं. जिलाधिकारी ने बताया कि आयशा ग्रामोद्योग समिति पिहानी के संस्थापक/अधीक्षिका के खिलाफ 420, 467, 468, 491, 477-ए एवं 465 की धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दी गई है.

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