Breaking News:

हामिद अंसारी कहते थे कि ये डरे हुए हैं , लेकिन इन्होंने शुरू किए जेल के अंदर भी हमले ..

हामिद अंसारी ने तमाम प्रयास करते हुए समाज को गुमराह करने की कोशिश की.. उन्होंने कहा कि कुछ लोग डरे सहमे से हैं, लेकिन क्या वो डरा सहमा होगा जो हाई सिक्योरिटी जेल में भी इस प्रकार का दुस्साहस दिखाए और हमला कर दे मिल कर किसी पुराने बन्दी पर ..ये दुस्साहस दिखाया गया है उत्तर प्रदेश के बांदा जेल में .. जेल में नशे में लिप्त भी थे वो और उन्हें रोकने वाले पर हाई सिक्योरिटी में कर दिया हमला ..गलती इतनी थी कि उन्हें रोका क्यों गया ?

समाचार पत्र जनसंदेश टाइम्स के अनुसार बांदा मंडल कारागार में बैरिक के अंदर गांजा पीते पकड़ लेने पर पांच बंदियों ने लंबरदार (पक्खा) को बेरहमी से न सिर्फ पीट दिया बल्कि उसका सिर फोड़ दिया। मारपीट की घटना से जेल में हड़कंप मच गया। जेल सिपाहियों ने कड़ी मशक्कत के बाद लंबरदार को बचाया। सजा के तौर पर हमलावर पांचों बंदियों को तीन गैर जनपदों की दूसरी जेलों की भेज दिया गया। घायल लंबरदार का जेल अस्पताल में इलाज कराया गया। जेल अधीक्षक ने बंदियों के जेल तबादले की बात तो स्वीकारी लेकिन मारपीट की घटना से इनकार किया।

जेल सूत्रों के मुताबिक मंडल कारागार में निरूद्ध विचाराधीन बंदी सिराज, पप्पू लांगी, मदन चिकना, सद्दाम, इमाम जेल बैरिक के अंदर चोरी छिपे गांजा पी रहे थे। वहां तैनात लंबरदार ने गांजा पीते देखा तो मौके पर पहुंच गया। पांचों को फटकार लगाते हुए गांजे की पुड़ियां छीन ली। इससे नाराज पांचों बंदियों ने लंबरदार पर हमला कर दिया। वहीं गिराकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। एक बंदी ने पत्थर मारकर उसका सिर फोड़ दिया। मारपीट होती देख दूसरे बंदियों ने शोर मचाया तो जेल के बंदी रक्षक आ गए। बीच बचाव कर घायल लंबरदार को जेल अस्पताल पहुंचाया।
बाद में हमलावर पांचों बंदियों की चक्कर में पेशी की गई। जेल प्रशासन ने सजा के तौर पर पांचों बंदियों को हमीरपुर, फतेहपुर और महोबा जेल स्थानांतरित कर दिया। उधर, जेलर विवेकशील त्रिपाठी का कहना है कि पांचों बंदी अक्सर अधिकारियों से बदतमीजी और शरारत कर रहे थे। इसलिए इनका जेल तबादला किया गया है। इस घटना ने बढ़ रहे उस दुस्साहस को सामने रखा है जो आने वाले समय मे समाज को क्षति दे सकता है ..

Share This Post