इस्लाम से खुद को ख़ारिज करने वालों पर #BukkalNawab का एक और वार.. इस बार कराह उठे कट्टरपंथी

समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता बुक्कल नवाब अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं तथा विधान परिषद के लिए चुने गए हैं. MLC चुनाव के नामांकन के समय उन्होंने हनुमान मंदिर में पूजा की थी तथा 20 किलो का घण्टा चढ़ाया था, जिसके बाद देवबंद के मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने उन्हें इस्लाम से ख़ारिज कर दिया था कि बुक्कल नवाब ने हनुमान जी की पूजा की है जो इस्लाम में हराम है, इसलिए उन्हें इस्लाम से कहरिज किया जाता है, बाहर किया जाता है. लेकिन इसके बाद अब बुक्कल नवाब ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है तथा कट्टरपंथी लोगों पर करारा वार किया है जिसे सुनकर कट्टरपंथी कराह उठे हैं.

समाजवादी पार्टी को छोड़ भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने वाले उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य बुक्कल नवाब ने कहा कि वह हनुमान जी के भक्त हैं. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि उनकी रगों में हिन्दू ब्राहृाण का खून दौड़ रहा है. हिन्दू कलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ माह के पहले बड़े मंगलवार के मौके पर आयोजित भंडारे का निमंत्रण देते हुए बुक्कल नवाब ने कहा, कि हमें गर्व है कि हमारी रगों में एक हिन्दू ब्राहृाण का खून दौड़ रहा है. भाजपा नेता ने कहा कि नवाब शुजाउद्दौला के बीमार पड़ जाने पर उनके पिता नवाब मंसूर खान ने अयोध्या में बजरंगबली की अराधना की थी जिसके बाद शुजाउद्दौला स्वस्थ हुए. प्रार्थना स्वीकार होने से प्रसन्न नवाब मंसूर अली ने हनुमानगढ़ी का जीर्णोद्धार कराया.

उन्होंने कहा कि उनके पिता दारा साहब ने वर्ष 1994 में कुडियाघाट में भगवान शंकर के भव्य मंदिर का निर्माण कराया. बुक्कल नवाब ने दावा किया कि भगवान हनुमान ने उनकी हर मन्नत स्वीकार की है और आगे भी सभी मनोकामनाएं पूरी करेंगे. बुक्कल नवाब ने कहा कि वह इस को स्वीकार करने में शर्म नहीं बल्कि गर्व महसूस करते हैं कि उनके पूर्वज ब्राह्मण थे, अतः उनकी रगों में भी ब्राह्मणों का ही खून है.

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