सुन्नी मुसलमानों के प्रसिद्द शिक्षा केंद्र देवबंद को बताया गया है “खूनी पंजा”… लेकिन किसी हिन्दू ने नहीं

इस्लामिक शिक्षा (सुन्नी) के केंद्र माने जाने वाले दारुल उलूम देवबंद को खूनी पंजा बताया गया है. देवबंद को खूनी पंजा बताये जाने पर देश की सियासत गर्म हो गयी है तथा सुन्नी मुस्लिम उग्र हो गये हैं. सबसे आश्चर्य की बात ये है कि दारुल उलूम देवबंद को खूनी पंजा किसी हिन्दू ने नहीं कहा है कि बल्कि एक मुस्लिम ने ही कहा है. और ये मुस्लिम सख्शियत है भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी बुक्कल नवाब, जिनके द्वारा देवबंद को खूनी पंजा कहने पर बवाल मच गया है.

 भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी बुक्कल नवाब ने दारुल उलूम देवबंद पर निशाना साधते हुए कहा कि इसका नाम बदलकर खूनी पंजा कर देना चाहिए. बुक्कल नवाब ने कहा कि मुस्लिमों को मुहम्मद साहब का कौल याद रखना चाहिए, जिसमें उन्होंने कहा है कि ‘अपने देश से मोहब्बत करना आधी इबादत होती है.’ उन्होंने कहा कि दारुल उलूम के मौलाना सबसे पहले नर्क जाएंगे. ये वो लोग हैं जिन्होंने ओसामा बिन लादेन, बगदादी, दाऊद इब्राहिम और हाफिज सईद जैसे लोगों को पैदा किया है. बुक्कल नवाब ने कहा कि हम शिया मुस्लिम हैं जो अपने मजहब के अलावा दूसरे मजहब का भी सम्मान करते हैं जबकि देवबंद देश में नफ़रत का जहर बो रहा है. बुक्कल नवाब ने कहा कि देवबंद का ये फतवा कि सुन्नी मुसलमान शिया मुसलमानों की इफ्तार पार्टी में न  जाएँ, बेहद ही घटिया है.

आपको बता दें कि पिछले दिनों दारुल उलूम देवबंद ने एक फतवा जारी किया जिसमें कहा गया था कि शिया मुसलमानों की इफ्तार पार्टी में सुन्नी मुसलमान नहीं जा सकते. देवबंद के फतवा का बरेलवी उलेमाओं ने भी समर्थन दिया था. ऑल इंडिया तंजीम उलेमा ए इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव और दरगाह आला हजरत से जुड़े मौलाना शहाबुद्दीन ने इस मुद्दे पर कहा कि शरीयत के अनुसार किसी भी गैर मजहब के शादी या इफ्तार में सुन्नी मुसलमानों को नहीं जाना चाहिए. देवबंद के इसी फतवे पर बुक्कल नवाब ने देवबंद को खूनी पंजा कहा है.

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