अखिलेश यादव के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम में चले लात घूंसे . पुलिस ने आ कर किया अलग

उत्तर प्रदेश कि पूर्ववर्ती सपा सरकार ने जो कुछ भी अपने शासनकाल में किया था वो तमाम दुष्परिणाम के रूप में अब सामने आया रहे हैं . एकतरफा तुष्टिकरण के लिए बदनाम और आज तक जानी जाने वाली पार्टी भले ही आज सत्ता में नहीं है लेकिन उसके चलते एक बार फिर संगम नगरी इलाहाबाद में अराजकता का माहौल बन गया था और विवाद होते होते बचा क्योकि मौके पर पुलिस ने मोर्चा सम्भाल लिया . 

 दरअसल यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव को आगामी 14 फ़रवरी को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में समाजवादी छात्रसभा द्वारा प्रस्तावित कार्यक्रम में आने का न्योता दिया गया है. लेकिन इस बात को लेकर समाजवादी छात्रसभा और एबीवीपी के बीच तनातनी शुरू हो गयी है. एबीवीपी ने आरोप लगाया है कि अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में अनिल यादव जैसे भ्रष्ट व्यक्ति को अपने मन मुताबिक अध्यक्ष बनाया छात्रों के अनुसार सपा की इन्ही नीतियों पर चलते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं कि भर्तियों में धांधली कर छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया.

इस मामले में  समाजवादी छात्र सभा के छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव के आग्रह पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव 14 फरवरी को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ का उद्घाटन करने आ रहे हैं. जिसको लेकर दोनों संगठनों के छात्र एक दुसरे के विरुद्ध हो गये है. एबीवीपी के छात्रसंघ महामंत्री निर्भय दूवेदी पइस कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं. बृहस्पतिवार को निर्भय के नेतृत्व में छात्रसंघ भवन के बाहर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के विरोध में अखिलेश यादव का पुतला फूंका. इस बात से नाराज समाजवादी छात्र सभा के लोगों ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट शुरू कर दी. हालांकि सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के कारण मामला शांत करा लिया गया. इस बीच अखिल भारतीय विद्या परिषद् के छात्रों ने जिला प्रशासन से अखिलेश यादव को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश करने से रोकने कि मांग कि है. छात्रों का कहना है कि अखिलेश जैसे भ्रष्टाचारियों के आगमन से छात्रों कि मानसिकता पर दुष्प्रभाव पढता है. 

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