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उन्नाव रेपकेस में भाजपा विधायक के खिलाफ एक गवाह था जिसका नाम था यूनुस. यूनुस मर गया तो किसी ने कहा जहर दिया, किसी ने कुछ और .. पर यूनुस ऐसे मरा

एक बार फिर से बिछ चुकी थी राजनीति की बिसात और निशाने पर आ चुके थे वो तमाम लोग जो कही न कही विधायक से सम्बन्ध रखते थे . अभी भी यदा कदा उस बलात्कार की चर्चा हो ही जाती है जो कभी योगी आदित्यनाथ शासन के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन चुका था .. ज्ञात हो की उसी मामले में एक गवाह था जिसका नाम युनुस था , उसकी सुरक्षा को अभेद्य बनाया गया था CBI की भी तरफ से और अचानक ही एक दिन उसकी मौत हो गयी . 

ज्ञात हो कि एक बार फिर से उस समय मच गयी थी सनसनी जब उन्नाव रेपकांड व पीड़ित के पिता की हत्या के केस में चश्मदीद गवाह यूनुस की मौत जहर देने से नहीं हुई थी। इसका खुलासा रविवार को एफएसएल की रिपोर्ट में हुआ है। उन्नाव रेपकांड में पीड़ित लड़की के पिता की हत्या के मामले में सीबीआई ने माखी निवासी यूनुस को मुख्य गवाह बनाया था। गवाह सीबीआई ने सुरक्षा भी प्रदान की थी। असल में युनुस की मौत बीते अगस्त माह में ही हो चुकी थी लेकिन सवाल तब खड़े हो गये थे जब युनुस के घर वालों ने बिना पुलिस को सूचना दिये युनुस के शव को दफना दिया। 

वहीं, जब इस मामले की जानकारी सीबीआई को हुई तो कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन के सहयोग लेकर 25 अगस्त की रात कड़ी सुरक्षा के बीच यूनुस के शव को कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। जहां तीन डॉक्टरों के पैनल ने यूनुस का पोस्टमार्टम किया और जहर देने की आशंका जताते हुए बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए एफएसएल लैब भेज दिया। रविवार को यूनुस के मौत से जुड़े एफएसल की रिपोर्ट आयी तो वह चौंकाने वाली थी। एसपी उन्नाव ने बताया कि यूनुस की मौत सामान्य तरीके से हुई है, उसे जहर नहीं दिया गया है। वहीं, परिजनों ने भी इसकी जानकारी पुलिस को दी थी और यूनुस को लीवर से सम्बन्धित बीमारी का जिक्र कर अस्पताल के पर्चें व दवायें दिखायी थी। परिजनों का कहना था कि यूनुस पिछले करीब तीन महीने से बीमार चल रहा था और घर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। लेकिन सीबीआई के अधिकारी परिवार की बात को मानने से इनकार कर रहे थे।

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