गरबे में आने से रोको तो पूरे भारत मैं होता है बबाल, लेकिन सलीम व इरफ़ान जब भंडारे मैं बुलाये गये तो हुआ ये हाल….

वो कौन सी सोच है जो धर्मस्थलों में बम रख देती देती है जिसमें अनगिनत लोगों की जानें तक चली जाती हैं? वो कौन सी सोच है जो नारियों यहाँ तक कि छोटी बच्चियों तक को भी अपनी हवस का शिकार बना लेती है?? कभी कभी ये सोच मजहबी बन जाती है जिसका शिकार निर्दोष लोग होते हैं तो कभी ये सोच महिलाओं की आबरू, महिलाओं की इज्जत को बड़ी दरिंदगी से लूट लेती है.

ऐसी ही सोच का शिकार उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर के ढेबरुआ थाना क्षेत्र की एक युवती हुई है. एक मन्दिर की मूर्ती स्थापना के भंडारे से प्रसाद लेकर घर वापस लौट रही युवती के साथ गाँव के ही नारी शोषक विधर्मी सलीम व इरफ़ान ने अपने 5 अन्य साथियों के साथ छेड़छाड़ की तथा दुराचार का प्रयास किया. इन आरोपियों की सोच कितने निम्न स्तर की है कितनी शर्मनाक है  इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक असहाय युवती के साथ 7 हवासियो ने छेड़खानी की तथा दुष्कर्म करने की कोशिश की..
युवती के शोर मचाने पर वहां गाँव की भीड़ इकट्ठी हो गयी जिसके बाद पांच बदचलन व्यभिचारी दुष्ट लोग भाग खड़े हुए लेकिन गाँव की भीड़ ने सलीम व् इरफ़ान को दबोच लिया तथा पुलिस बुलाकर उनके सुपुर्द कर दिया. थाना प्रभारी अखिलानंद उपाध्याय ने कहा पीडिता के परिजनों की तहरीर पर सलीम इरफ़ान व उनके 5 अन्य उनके साथियों के खिलाफ छेड़छाड़ व सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का मामला दर्ज कर लिया है. थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जायेगा तथा कड़ी कार्यवाही की जायेगी जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

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