भारतीय सैनिक की बेटी को उठा ले गया महीम मियां… ISIS को गिफ्ट देने की तैयारी.. यहाँ तक पहुँच गया दुस्साहस

कन्नौज निवासी शिवपाल सिंह जो भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर तैनात हैं तथा घर से दूर रहकर भारतमाता की सेवा में जी जान से जुटे हुए हैं. लेकिन मजहबी उन्मादी कट्टरपंथियों का दुस्साहस तो देखिये.. जो फ़ौजी शिवापाल सिंह अपनी जान पर खेलकर हिंदुस्तान की रक्षा कर रहा है उसकी बेटी अंकिता सिंह का अपहरण मजहबी आक्रान्ता महीम मियाँ तथा उसके साथियों ने कर लिया. आशंका जताई जा रही है कि फ़ौजी की बेटी अंकिता सिंह को ISIS को बेच दिया गया है.

घटना उत्तर प्रदेश के कन्नौज की है. 25 मई को फ़ौजी शिवपाल सिंह की 19 वर्षीय बेटी अंकिता सिंह अपने कस्बा सौरिख स्थित अपने घर के बाहर ही खड़ी थी तभी कुछ लोग जबरन एक ट्रक पर उठाकर ले गए. जिसका अब तक कोई पता नहीं चल सका. हालांकि मामले में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में मुख्य आरोपी महीम मियां सहित ट्रक चालक व एक अन्य को पुलिस ने पकड़ा था. उन्होंने युवती के अपहरण की बात स्वीकार की थी. इसके बाद भी आसानी से उनकी जमानत हो गई और ट्रक भी छूट गया.  लेकिन फौजी की पुत्री का पता नहीं लग सका. ये कानून है या कानून के रखवालों की लापरवाही कि हिन्द के जवान की बेटी को बरामद नहीं किया जा सका लेकिन उसका अपहरण करने वाले जमानत पा गये. देश के लिए इससे शर्मशार कुछ नहीं हो सकता है कि हिन्द की सेना का जवान इस देश की सुरक्षा तो कर रहा है लेकिन खुद उसका परिवार सुरक्षित नहीं है.

फ़ौजी शिवपाल सिंह जो भारतमाता की आबरू तो बचा रहे हैं, हिंदुस्तान को बचा रहे हैं लेकिन अपनी बेटी को नहीं बचा पा रहे. फ़ौजी शिवपाल सिंह जो अभी भी अपनी पोस्ट पर मुस्तैदी से तैनात हैं, उनकी बेटी का अपहरण हुए 70 दिन से ज्यादा हो गये लेकिन अभी तक पता नहीं चल सका है. इसके बाद फौजी का परिवार भूख हड़ताल पर बैठ गया. जैसे तैसे समझाकर अगले दिन उनकी भूख हड़ताल ख़त्म कराई गयी लेकिन सवाल वही कि आखिर देश की रक्षक की बेटी की बरामदगी कब होगी तथा आखिर फ़ौजी की बेटी का अपहरण करने वाले आक्रान्ता जमानत कैसे पा गये? आज उस फ़ौजी पर क्या बीत रही होगी उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है. सुदर्शन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, कन्नौज पुलिस तथा उत्तर प्रदेश से अपील करता है कि देश के रक्षक की बेटी को जल्द आक्रान्ताओं के कब्जे से छुड़ाया जाए तथा फ़ौजी परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए.

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