साहिबे आलम के तन पर भले ही वर्दी है लेकिन मन में है कुछ और…धज्जियाँ उडी मोदी व योगी के नारी सशक्तिकरण अभियान की बरेली में


कहने को तो वो दरोगा हैं नाम उनका साहिबे आलम है. वह उत्तर प्रदेश के बरेली थाने में तैनात है. लेकिन वर्दी पहिनने के बाद भी साहिबे आलम की जो दुराचारी सोच सामने आयी है वो न सिर्फ पुलिस विभाग बल्कि इसनियत पर भी कलंक है. केंद्र की मोदी सरकार तथा राज्य की योगी सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए नित नये अभियान चला रही है, नारी आगे बढे, देश की प्रगति में उन्नति में अपना योगदान दे इसके लिए सरकारें नारियों को प्रोत्साहित कर रही हैं लेकिन साहिबे आलम जैसे दरोगा भी हैं जो नारी सशक्तिकरण के इस अभियान की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं.

खबर के मुताबिक दरोगा साहिबे आलम ने एक होमगार्ड को उसकी मनचाही जगह ड्यूटी की तैनाती के लिए एक रात्रि के लिए उसकी पत्नी को उसे देने की मांग रख दी. दरअसल दरअसल ट्रैफिक पुलिस में दरोगा साहिबे आलम के साथ एक महिला हाथापाई कर रही थी. लोगों ने जब शोर सुना तो इक्कठे हो गए. महिला, साहिबे आलम पर बहुत संगीन आरोप लगा रही थी. उसका कहना था उसके होमगार्ड पति दिनेश ने जब अपनी ड्यूटी चेंज करने के लिए उनसे अपिल की तो उन्होंने पहले तो पैसे मांगे. फिर जब पति ने कहा कि पैसे तो नहीं हैं, तो साहिबे आलम ने साफ शब्दों में कहा कि अपनी बीवी को एक रात के लिए भेज दो. साहिबे आलम को पुलिस की वर्दी इसलिए सौंपी गयी थी कि वह समाज के लोगों की सुरक्षा करेंगे, नारियों को सुरक्षा करेंगे लेकिन वह तो स्वय दुसरे की पत्नी को उपभोग की वस्तु समझकर मांग कर रहे हैं.

होमगोर्ड दिनेश ने पूरी बात जब बीवी को बताई ,तो गुस्से में तमतमाई होमगार्ड दिनेश बीवी सीधे साहिबे आलम के रूम में पहुंच गई व् उससे  पूंछा कि दरोगा की वर्दी पहिनकर वह अपनी दुराचारी सोच से क्यों पुलिस को कलंकित कर रहा है. इसके बाद दरोगा साहिबे आलम उलटा महिला के साथ ही बदतमीजी करने लगा जिससे आक्रोशित हुई महिला ने दरोगा के साथ झगड़ना शुरू कर दिया. जिससे वहां काफी भीड़ जमा हो गयी तथा दरोगा अपनी फजीहत होते देख चुपचाप वहां से निकल लिया. होमगार्ड दिनेश ने बताया है कि  उसने जब अपनी ड्यूटी चेंज करने के लिए दारोगा से अपील की तो उन्होंने पहले तो पैसे मांगे. फिर जब मैंने कहा कि पैसे तो नहीं हैं, तो आरोपी दारोगा साहिबे आलम ने साफ शब्दों में कहा कि अपनी बीवी को एक रात के लिए भेज दो.

एक तरफ यूपी पुलिस अपराध के खिलाफ नित नए कीर्तिमान लिख रही है, एनकाउंटर कर रही है वहीँ दरोगा साहिबे आलम जैसे लोग भी हैं जो न सिर्फ पुलिस की वर्दी को बल्कि योगी करकार को भी कलंकित कर रहे हैं. दरोगा आलम अपने पद का दुरूपयोग करते हुए अपने स्टाफ की पत्नियों के साथ अय्याशी करना कहते हैं. निश्चित ही दरोगा आलम जैसे व्यक्ति समाज के लिए बहुत ही खतरनाक हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस तथा योगी सरकार को चाहिए कि वह दरोगा साहिबे आलम के खिलाफ उचित एक्शन लेकर एक मिशाल कायम करें ताकि कोई और साहिबे आलम इस तरह की हरकत न कर सके.  


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