UP के जौनपुर का एक गांव.. किसी को पता ही नहीं चला ये सब.. जबकि उस गांव में कभी सारे लोग हिन्दू थे..

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के डोभी विकास खंड के ग्राम सभा हरिहरपुर के बढय़ापार गांव जो कभी हिन्दू गांव माना जाता था. पूरा का पूरा गाँव हिन्दू था लेकिन आज जब आप इस गाँव में जायेंगे कि पूरा का गाँव ईसाई गांव में तब्दील हो चुका है. 95 प्रतिशत से ज्यादा हिन्दू परिवार धर्मान्तरित होकर ईसाई बन चुके हैं. जिले में ईसाई मिशनरियां गुपचुप लेकिन बहुत ही कारगर ढंग से अपनी मुहिम में जुटी हैं. आज जब इस बात का पता चला कि गांव में ईसाई मिशनरियां सक्रीय हैं तब तक हिन्दू गांव ईसाई गांव बना चुका था. साप्ताहिक सामूहिक प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का खेल चल रहा है.

आपको बता दें कि जिले डोभी विकास खंड के ग्राम सभा हरिहरपुर के बढय़ापार गांव के अधिसंख्य बाशिंदों को बहला-फुसला व प्रलोभन देकर ईसाई बना दिया है. यह जानकर हैरत होगी कि इस गांव में कभी 100 से ज्यादा परिवार हिंदू थे अब बचे हैं सिर्फ पांच. धर्मांतरण कर चुके परिवार बड़ी बेबाकी से इस बात को कुबूल भी कर रहे हैं कि वह पहले हिन्दू थे लेकिन अब ईसाई बन चुके हैं. पूरे गांव में अब महज चार या पांच ही हिंदू धर्मानुयायी कुनबे बचे हैं. गांव में लाल बहादुर जो अब ईसाई बन चुके हैं, के घर हर सप्ताह प्रार्थना सभा भी होती है तथा भूलनडीह गांव में ईसाई मिशनरी से जुड़ा दुर्गा यादव भी प्रार्थना सभा कराता है. हर रविवार व मंगलवार को होने वाली प्रार्थना सभा का गुपचुप तरीके से प्रचार-प्रसार बढ़ता गया. आज हालत यह है कि इसमें लगभग पांच हजार की भीड़ जुटती है. चंदवक के निकट जमुनीबारी गांव के मैदान में हर शुक्रवार को प्रार्थना सभा होती है.

ग्राम सभा हरिहरपुर के प्रधान शिव बालक यादव ने इस बारे में पूछने पर कहा कि इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी. प्रधान जी के अनुसार, उन्हें पता ही न चला कि ये सब कब और कैसे हो गया. इस बारे में केराकत के उप जिलाधिकारी सहदेव मिश्र ने बताया कि मुझे बढय़ापार में धर्मांतरण के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है. यदि कोई स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करता है तो उसे रोका नहीं जा सकता. थानाध्यक्ष चंदवक शशिचंद्र चौधरी ने बताया कि मेरे संज्ञान में ऐसा कुछ नहीं है. यदि कोई प्रलोभन देकर या जबरन धर्म परिवर्तन कराता है, तभी कोई कार्रवाई की जा सकती है. लेकिन अगर कोई स्वेच्छा से ये कर रहा है तब हम कुछ नहीं कर सकते हैं. लेकिन निश्चित रूप से ये स्थिति काफी खतरनाक है कि ईसाई मिशनरियां किस तरह से सनातन का ह्रास कर रही हैं.

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