देवताओं के अपमान का अड्डा बना रखा था फेसबुक पर उन्मादियों ने.. उबल पड़ा हरदोई

सोशल मीडिया चाहे वह फेसबुक हो, ट्विटर हो या फिर व्हात्सप्प हो,  आज के समय के मानवीय जीवन का एक अहम् अंग बन चुका है. लेकिन सोशल मीडिया जितनी ज्यादा फायदेमंद है, उतनी की नुकसानदायक भी साबित हो रही है क्योंकि तथाकथित उन्मादी लोग सोशल मीडिया का दुरूपयोग कर रहे हैं तथा भडकाऊ व साम्प्रदायिक पोस्ट करके सामजिक ताने बाने को छिन्न भिन्न कर रहे हैं. सोशल मीडिया के लगातार हो रहे दुरुपयोग और इससे बिगड़ने वाले सांप्रदायिक सौहार्द के बीच एक और ताजा मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से सामने आया है जहाँ कुछ मजहबी उन्मादी लोगों ने फेसबुक को हिंद्दु देवी देवताओं के अपमान का अड्डा बना रखा था तथा हिन्दू समाज को भडकाने के लिए उनकी आस्थाओं से खिलवाड़ करते हुए हिन्दू देवी देवताओं का अपमान करते हुए फोटो पोस्ट किये जा रहे थे.

हिन्दू देवी देवताओं की अपमानजनक पोस्ट वायरल होने के बाद स्थानीय हिन्दू समाज आक्रोशित ही उठा तथा हिंदू संगठनों ने स्थिति की भर्त्सना करते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के अलावा उसकी गिरफ्तारी की मांग की. मामला हरदोई के पचदेवरा थाना क्षेत्र के ग्राम आमतारा का है. खबर के मुताबिक़,  आमतारा गांव के एक युवक फिरोज खान पुत्र इलियास गांव में ही इलेक्ट्रिक की दुकान चलाता है. फिरोज पर आरोप है कि यह आए दिन अन्य धर्मों के खिलाफ सोशल मीडिया का खुलेआम धड़ल्ले से इस्तेमाल करता है. ग्रामीणों के मुताबिक फिरोज ने 30 अगस्त को अपनी फेसबुक वॉल पर श्रोता तिवारी नाम की आईडी पर पड़ी हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ अपमानजनक अश्लील टिप्पणी भरी पोस्ट को शेयर किया था. फिरोज के पोस्ट को शेयर करते ही यह पोस्ट वायरल हो गई.

यह पोस्ट वायरल होते ही भरखनी और अनंगपुर इलाके में बहुसंख्यक समाज के लोगों में आक्रोश उभरने लगा. इसके बाद हिंदू संगठनों को भी इसकी भनक लग गई तो उन्होंने भी इस पोस्ट की भर्त्सना की तथा आक्रोशित हिन्दू समाज के लोग सड़कों पर उतर आये. इलाके का माहौल गर्म होते ही फिरोज ने आनन-फानन यह पोस्ट अपनी फेसबुक वॉल से डिलीट कर दी और एक अन्य पोस्ट फेसबुक पर पर डालते हुए लोगों से हिंदू देवी देवताओं के संदर्भ में डाली गई पोस्ट को लेकर माफी भी मांग ली. फिरोज ने कहा कि उसने अनजाने में आकर ये पोस्ट किया था तथा वह इसके लिए माफी मांगता है.

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