दहाड़ें मार कर रोती रजिया को जबरन ले गया मौलवी हलाला के लिए… साथ में शामिल था उसका ससुर भी


हलाला की पीड़ा क्या होती है, हलाला का दर्द क्या होता है, हलाला के दौरान किस तरह से इंसानियत, रिश्ते-नातों को कुचला जाता है ये जब उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की हलाला पीडिता रजिया ने बताया तो वहां मौजूद सबकी आँखें भर आयी. रजिया की मानसिक स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हलाला का नाम सुनते ही वह कांपने लगती है, सहम जाती है. सोमवार को मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी से मदद मांगने पहुंची हलाला पीड़िता रजिया ने रो-रोकर आपबीती सुनाई. रजिया का कहना है कि शौहर ने उसे पहले तीन तलाक दिया, फिर समझौता करने के बाद ससुर से हलाला करा दिया. हलाला को पूरा करने के लिए दो मौलवी भी साथ रहे. रजिया ने बताया कि उसने ससुर के साथ हलाला करने को मना किया तो मौलवी और ससुर जबरन हाथ खींचकर ले गए और जबरदस्ती हलाला किया.

खबर के मुताबिक, मुरादाबाद के बिलारी तहसील नगलिया मशकूला निवासी मुशर्रफ हुसैन की बेटी रजिया खातून का निकाह संभल के थाना नखासा निवासी मोहम्मद नूर के साथ हुआ था.  7 दिसंबर 2014 को निकाह हुआ और 30 सितंबर 2015 को रूखसती की रस्म अदा की गई. आरोप है कि रूखसती के दौरान ससुराल वालों ने अल्टो कार की डिमांड की. रजिया के घर वालों ने एक बुलेट और डेढ़ लाख नकद दे दिए. कार की डिमांड पूरी नहीं होने पर 24 दिसंबर 2015 को रजिया को घर से निकाल दिया. मायके पहुंची रजिया को उसी दिन फोन पर घरवालों की मौजूदगी में तीन तलाक बोल दिया. 2016 में ससुरालियों के खिलाफ रजिया ने मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें शौहर सहित देवर आदि पर गंभीर आरोप लगाए.

रजिया ने फरहत नकवी को बताया कि 24 दिसंबर 2016 को बिचौलियों ने समझौता कर दिया फिर मौलवियों ने हलाला कराने की बात छेड़ दी. समझौते के बाद जब रजिया थाना से निकल कर अपने घर पहुंची तो वहां हलाला कराने पर चर्चा हुई. तय हुआ कि ससुर मो. शोऐब के साथ रजिया का हलाला होगा. इस पर रजिया और उसकी मां इशरत जहां ने विरोध किया, लेकिन ससुर और दो मौलवी जबरदस्ती उसको हलाला के लिए ले गए. रजिया ने बताया कि मौलवियों ने पैसे लेकर हलाला का निकाह पढ़ाया. रात में ससुर के साथ रही और सुबह होते ही ससुर ने तलाक दे दी. इसके बाद शौहर ने फिर से निकाह करने से इनकार कर दिया. सोमवार को मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के पास रजिया और उसकी पड़ोसी रूकसार भी मिलने पहुंची. उन्होंने आपबीती सुनाई और हलाला करने, कराने वालों के खिलाफ कानूनी लड़ाई के लिए आवाज उठाई है. मेरा हक़ फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने रजिया को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है तथा कहा है कि उनका फाउंडेशन रजिया की  लड़ाई लडेगा.


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