Breaking News:

जिसे 18 गोलियां मुन्ना बजरंगी ने मारी वो ज़िंदा रहा.. उसने बताया कि 10 गोलियों में मरा मुन्ना कौन था

दशकों तक लोगों में खौफ का पर्याय बना रहा कुख्यात अपराधी मुन्ना बजरंगी जिस अंदाज में निर्दोषों की हत्याएं करता था, खुद भी उसी अंदाज में ढेर हो गया. फायरब्रांड हिंदूवादी भाजपाई नेता कृष्णानंद राय पर एक बार में 400-400 गोलियां बरसाने वाला माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी सोमवार को बागपत जेल में 10 गोलियां खाकर खत्म हो गया. उत्तर प्रदेश में पहली बार खुलेआम AK-47 लहराने वाले मुन्ना बजरंगी ने वाराणसी के एक शख्स को 18 गोलियां मारी थीं, इसके बाद भी वो शख्स जिंदा है. ये गोलियां AK-47 से मारी गई थीं. मुन्ना बजरंगी पहला ऐसा अपराधी था जिसके हाथों में तब AK-47 आ गई थी, जब 90 के दशक में यूपी पुलिस ने ये आधुनिक हथियार देखा भी नहीं था.

कई जघन्य वारदातों को अंजाम देने वाले मुन्ना ने वाराणसी में पहली बार एके 47 चलवाई थी. उसकी 18 गोलियां खाकर राजेंद्र त्रिवेदी आज भी जिंदा हैं. दरअसल, 6 अप्रैल 1997 को नरिया में मुन्ना बजरंगी ने एके 47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के तत्कालीन छात्रसंघ अध्यक्ष रामप्रकाश पांडेय, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील राय, भोनू मल्लाह समेत चार लोगों की हत्या कर दी थी. सभी लोग मारुति कार से बीएचयू अस्पताल में भर्ती पूर्व विधायक सत्यप्रकाश सोनकर को देखकर लौट रहे थे, तभी नरिया स्थित जैन लॉज के पास पांच-छह की संख्या में आए हमलावरों ने तकरीबन डेढ़ सौ गोलियां बरसाई थीं. इस हमले में राजेंद्र त्रिवेदी AK-47 की 18 गोलियां लगने के बाद भी अस्पताल में लंबे समय तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद जिंदा बच गए थे. मुन्ना की मौत के बाद इस हत्याकांड ले चश्मदीद गवाह उस घटना को याद कर आज भी सिहर उठते हैं. वह कहते हैं कि जिन लोगों को उस दिन मारा गया, वह उनके साथ थे.

अचानक गोलियों की आवाज गूंजने लगी. सभी ने बचने की कोशिश की लेकिन मुन्ना का निशाना हम सभी थे. चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. मंजर बेहद खतरनाक था. मुन्ना की 18 गोलियां उसे लगीं, लेकिन इसके बड़ा भी वह बच गए. राजेंद्र त्रिवेदी कहते हैं कि वह जिंदगी से बेहद उदास हो गए थे. काफी समय तक उस दिन हुई घटना के सदमे में रहे. आज भी वो घटना याद है. मुन्ना के मरने की खबर लगी तो वो घटना फिर से आंखों के सामने तैर गई. वह और उनका परिवार इतने समय बाद भी दहशत में रहते थे. वह बताते हैं कि मुन्ना ने एक साथ कई घर उजाड़े थे. वह कहते हैं कि निर्दोष लोगों की हत्या की थी. उस निर्मम हत्या में शामिल मुन्ना को भगवान ने दंड दे दिया है. उन्होंने कहा कि निर्दोषों की जान लेने वाले मुन्ना बजरंगी का यही हश्र होना था.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने हेतु हमे आर्थिक सहयोग करे. DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW