भीम आर्मी के नाम पर हिन्दू समाज को बांटने वाले रावण को योगी सरकार ने पुनः चटाई धूल..

भीम आर्मी का मुखिया जो खुद को रावण कहलाना पसंद करता था तथा भीम आर्मी के नाम पर हिन्दुओं को बांटने का काम करता था. यद्दपि उसको हिन्दुओं से नफरत थी तथा  शायद ही उसको रामायण पर विश्वास रहा होगा लेकिन हिन्दुओं से विद्वेष के चलते ही उसने खुद के नाम में रावण लगा दिया था. उसके बाद उसकी हिन्दुओ से नफरत की आग की तपिश पहुच गयी सत्ता के उन तमाम नेताओं के पास जिन्होंने अपने जीवन काल में केवल हिन्दू विरोध कर के सत्ता सुख भोगा. लेकिन हाजी इकबाल जैसे मजहबी उन्मादी के इशारे पर हिन्दुओं में आपसी फूट डालने का प्रयास कर रहा रावण आज योगीराज में घुटनों के बल आ चुका है. रावण ने कोशिश तो की थी कि रामराज्य की संकल्पना के साथ उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ा रही योगी सरकार को कलंकित करने की लेकिन वो नाकामयाब रहा तथा लंबे समय से जेल में बंद रावण को यूपी सरकार ने एक बार फिर से जमीन सुंघा दी है.\

आपको बता दें कि अब प्रदेश में किसी भी प्रकार की साम्प्रदायिकता को किसी भी हाल में न सहन करने पर आमादा योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में जातीय हिंसा के मामले में जेल में बंद हिंसा के मुख्य आरोपी भीम आर्मी के संस्थापक चन्द्रशेखर उर्फ रावण पर लगी रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की अवधि को तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया है, जिसकी जानकारी सहारनपुर प्रशासन द्वारा हुई है. ज्ञात हो हिन्दुओं में जातिगत फूट डालने का नापाक प्रयास करने भीम आर्मी के प्रमुख रावण की रासुका की अवधि तीन अगस्त को समाप्त हो रही थी जिसे तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया है तथा अब रासुका 2 नवम्बर तक लागू रहेगी. अर्थात रावण फिलहाल बाहर आकर सामजिक वैमनस्यता नहीं फैला सकेगा. गौरतलब है कि रावण के खिलाफ रासुका की अवधि चौथी बार बढ़ाई गयी है.

योगी सरकार के इस फैसले को हिन्दुओं में फूट डालने की कोशिश करने वाले रावण को धूल चटाने और उसके नापाक मंसूबे ध्वस्त करने के अंदाज़ के रूप में देखा जा रहा है .रावण के खिलाफ रासुका बढाने के योगी सरकार के फैसले के बाद भीम आर्मी के लोग आक्रोशित हैं. भीम आर्मी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह ने कहा कि सरकार हमारा गलत फायदा उठा रही है. भीम आर्मी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर रावण के खिलाफ अत्याचार बंद नहीं किये गये तो भीम आर्मी दिल्ली कूच करेगी जिसके गंभीर परिणाम होंगे. भीम आर्मी की इस चेतावनी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि रावण के जेल में बंद होने के बाद भीम आर्मी में इतनी अकड़ है तो उसके बाहर आने पर समाज में जहर नहीं फैलाया जायेगा तो और क्या किया जायेगा.

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