12 सैनी परिवारों ने त्याग दिया था धर्म और बन गये थे ईसाई… अब उन 12 परिवारों को त्याग दिया समाज ने और फैसला दिया- “हिंदुत्व का दुश्मन, हमारा दुश्मन”


उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है जो साबित करता है कि हिन्दू समाज अब धर्म के प्रति जागरूक हो चुका है. हिन्दू समाज अब विधर्मियों के खिलाफ तो उठकर खड़ा हो ही रहा है लेकिन साथ ही उन लोगों के खिलाफ भी जो घर के गद्दार बने बैंठे हैं तथा विधर्मियों के हाथों खेलकर अपने ही धर्म को कलंकित कर रहे हैं. और यही हुआ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में जब सैनी समाज के 12 परिवारों ने हिन्दू धर्म छोडकर ईसाई धर्म अपना लिया तो इसके बाद सैनी समाज ने जो फैसला लिया वो इन जैसे लालची गद्दारों पर अब तक का सबसे बड़ा व कड़ा प्रहार कहा जायेगा.

खबर के मुताबिक़, उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद में बारह परिवारों द्वारा धर्म परिवर्तन करने बाद हुई सैनी समाज की पंचायत ने इनका पूर्ण रूप से बहिष्कार कर दिया और इनसे बात करने वाले सैनी समाज के व्यक्ति पर भी पांच हजार रुपये के जुर्माने का भी ऐलान कर दिया गया है. सैनी समाज ने साफ़ कर दिया है कि जो हिंदुत्व का दुश्मन है वो हमारा दुश्मन है तथा हिंदुत्व से गद्दारी करने वाले के साथ किसी तरह का कोई ताल्लुकात नहीं रखने वाले हैं तथा जो भी इन धर्म के गद्दारों से बात भी करेगा तो उस पर 5 हजार रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा. खबर के मुताबिक़, मुरादाबाद के थाना नागफनी क्षेत्र में सैनी समाज के 12 परिवारों द्वारा धर्म परिवर्तन करके ईसाई धर्म अपना लिया. सैनी समाज की धर्मशाला में सैकड़ों की संख्या में सैनी बिरादरी के लोग जमा हो गए और अपने ही समाज के बारह परिवारों का बहिष्कार करने का निर्णय ले लिया और उन परिवारों से किसी भी तरह का सम्बंध रखने वाले समाज के व्यक्ति पर पांच हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की भी घोषणा की गई.

खबर ये भी है कि सैनी समाज की इस घोषणा के बाद 12 में से 4 परिवारों ने पंचायत के सदस्यों से बात करके घर वापसी की इच्छा व्यक्त की है. इस मामले पर सैनी समाज के जिला अध्यक्ष सी पी सिंह ने साफ तौर पर कहां की हां पंचायत हुई हैं और बारह परिवारों का बहिष्कार किया गया है. सीपी सिंह ने कहा कि हम उस परंपरा से आते हैं जहाँ हमारे पूर्वजों ने घास की रोटियाँ खाई लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ा, पद्मिनी जैसी हमारी माताओं ने जीते जी यज्ञ कुंड में आपने प्राणों की आहुति देकर जौहर कर लिया लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ा.. तब हम आखिर हम आपने पूर्वजों की इस गौरवशाली परंपरा को कैसे कलंकित होने दें तथा जो भी कलंकित करेगा उसे समाज से बहिष्कृत कर दिया जाएगा.


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