उसके परिवार ने कलीमुद्दीन को वोट दिया था प्रधानी के चुनाव में ये सोचकर की कलीमुद्दीन है एक नेक इंसान..लेकिन जो हुआ वो उन्होंने सोचा भी नहीं था

आखिर वो कौन सी सोच है जो महिलाओं के खिलाफ अपनी व्यभिचारी सोच को बदलने का नाम नहीं ले रही है? जहाँ केंद्र सरकार ने बलात्कार जैसे शर्मनाक तथा जघन्य अपराध के खिलाफ कड़ा कानून बनाया है लेकिन ये दुराचारी सोच से ग्रसित असुर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं तथा महिलाओं को, बच्चियों को अपनी हवास का शिकार बना रहे हैं. आखिर ये सोच कहाँ से आती है? जब एक व्यक्ति जिसको जन्म एक महिला ही देती है, इसके बाद भी आखिर वह किसी के साथ दुष्कर्म कर कैसे लेता है?

इसी दुराचारी सोचा का शिकार उत्तरा प्रदेश ले अलीगंज कसबे की एक युवती हुई है जिसके साथ खेत में काम करते हुए ग्राम सेवक कहे जाने वाले ग्राम प्रधान ने तमंचे के बल पर दुराचार किया. इसकी रिपोर्ट पीड़िता के भाई ने थाना अलीगंज में दो लोगों के खिलाफ दर्ज कराई है. पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेज दिया. थाना अलीगंज क्षेत्र के एक गांव निवासी 14 वर्षीय किशोरी शाम करीब सात बजे घर से खेत पर शौच करने के लिए गई थी. आरोप है उसी समय ग्राम प्रधान कमालुद्दीन उर्फ नन्हे ने अपने दोस्त तसलीम निवासी मोहम्मद नगर बझेरा के साथ मिलकर किशोरी को घेर लिया. इसके बाद आरोपी उसे मक्का के खेत में ले लिया. जहां किशोरी के कनपटी पर तमंचा रखकर ग्राम प्रधान ने उसके साथ दुराचार की घटना को अंजाम दिया.

इसकी जानकारी किशोरी ने आरोपियों के कब्जे से छूटने के बाद परिजनों को दी. इस पर गुस्साए परिजन लड़की को लेकर थाना अलीगंज पहुंचे जहां उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को दर्ज कराई. जिस पर पुलिस ने किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेज दिया. जबकि आरोपियों को पकड़ने के लिए उनकी इधर उधर तलाश कराई. पुलिस को कोई भी आरोपी हाथ नहीं लग सका. किशोरी के साथ दुष्कर्म की घटना की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है. आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस को आदेश दिया गया है. बता दें कि बलात्कार के आरोपी प्रधान कलीमुद्दीन को ग्राम पंचायत के चुनाव में पीड़िता के परिजनों ने वोट किया था तथा सोचा था कि कलीमुद्दीन एक नेक इंसान है व प्रधान बनने के बाद उनकी मदद करेगा लेकिन अफ़सोस कलीमुद्दीन उसकी इज्जत को ही तार-२ कर गया.

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