बेटी बचाओ अभियान को चुनौती दे डाली मोहम्मद फारुख ने… तीसरी बेटी पैदा होते ही टूट पड़ा अपनी बीबी पर,, कर दी उसकी दुर्दशा

एक तरफ़ा जहाँ केंद्र की मोदी सरकार तथा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना पर तेजी से काम कर रही है तथा काफी पैसा भी खर्च कर रही है लेकिन इसके बाद आज भी समाज में नारी विरोधी मानसिकता के लोग मौजूद हैं जो एक महिला के गर्भ से जन्म लेने के बाद भी बेटी को बोझ समझते हैं. ऐसा ही एक शर्मशार करने वाला उत्तर प्रदेश के प्रयाग से सामने आया है जहाँ मोहम्मद फारुख ने अपनी बीबी को इसलिए घर से बाहर कर दिया क्योंकि महिला ने तीन बेटियों को जन्म दिया था. मामला इलाहाबाद के फूलपुर में जाफरपुर उर्फ बाबूगंज बाजार का है. बेघर महिला इंसाफ के लिए अधिकारियों की चौखट पर कई दिनों तक भटकती रही, लेकिन अफसोस कानून न उसे अपने ही घर में पनाह दिला सका न आरोपियों पर कार्रवाई कर सका. महिला ने अब सीएम योगी आदित्यनाथ से इंसाफ की गुहार लगाई है.

खबर के मुताबिक़, प्रयाग के अकबरपुर करेली की रहने वाली शमा बानो की शादी 6 साल पहले जाफरपुर उर्फ बाबूगंज निवासी मोहम्मद फारुक से हुई थी. शादी के बाद अब तक तीन बेटियां जन्म ले चुकी हैं. शमा बानो के अनुसार पेट में बच्चा आने के साथ ही ससुरालियों की डिमांड शुरू हो गई की बेटा होना चाहिए. पहली संतान के रूप में बेटी दुनिया में आई. अगली बार फिर से शमा जब बेटी सना ने जन्म दिया तो मानों शमा ने कोई गुनाह कर दिया और उसे डांट फटकार और उलाहना मिलने लगी. लेकिन, तीसरी बार जब शमा ने बेटी साहिना को जन्म दिया तो ससुरालियों ने शमा को सजा देनी शुरू कर दी. उसे खाना पीना देना बंद कर दिया गया और मारपीट कर घर छोडने के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा. शमां के अनुसार, 5 मई की आधी रात उसे बेटा जन्म न दे पाने की सजा दी गई और जमकर पीटने के बाद घसीटते हुए घर से बाहर निकाल दिया गया. रात भर वह घर के बाहर रही. सुबह फिर ससुराल पहुंची तो घर में ताला बंदकर दिया गया और गाली-गलौज देकर भगा दिया गया.

इसके बाद शमा अपने मायके आई और परिजनो से सारी कहानी बताने के बाद थाने पहुंची. लेकिन थाने पर बार बार शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई. शमा ने परिजनो के साथ पुलिस के उच्चाधिकारियों से मुलाकात की तो पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन पुलिस टालमटोल करती रही. शमा ने बताया कि ससुरालियों की प्रताड़ना से वह मर जाना चाहती है लेकिन तीन बेटियों को वह कहां छोडकर जाये. ससुराल में सास कहती है कि बेटा पैदा करो तभी खाना मिलेगा, आखिर इसमे मैं क्या करूं. महिला थाने में ससुराल वालों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन पुलिस कुछ कर नहीं रही. शमां ने खुद व तीनों बेटियों के लिये सीएम से न्याय मांगा है. शमां का कहना है कि उसे सिर्फ योगी बाबा से न्याय की उम्मीद है, वह योगी बाबा से निवेदन करती है कि वह उसे न्याय दिलाएं.

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