दलित बच्चे के पीछे से निकल रहा था खून.. जब नाम पता चला तो उसके परिवार से दूरी बना ली दलित वोट के सभी ठेकेदारों ने

दलित वोटों के ठेकेदारों की मुंह उस समय बंद हो गया जब उन्हने उस दलित मासूम गरीब बच्चे के साथ बेरहमी के साथ कुकर्म करने वाले दरिंदे का नाम पता चला. वो तमाम बुद्धिजीवी जो दलित मुस्लिम एकता की बड़ी-२ बातें करते थे, उन बातों तथा दावों को कुकर्मी अख्तर ने धता बताते हुए मासूम दलित बच्चे को अपनी हवस का शिकार बनाकर लहूलुहान कर दिया. ये शर्मशार करने वाला मामला उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के थाना क्षेत्र एक गांव का है जहाँ मांगलिक कार्यक्रम में प्रयोग किए गए बोतल को बीनने गए एक सात वर्षीय दलित बालक को अगवा कर रस्सी से बांधकर कुकर्म जबरन कुकर्म किया गया.

खबर के मुताबिक़, क्षेत्र के एक गांव निवासी अख्तर अपने ही गांव में टेंट हाउस की दुकान पर काम करता है. शुक्रवार को गांव में एक वैवाहिक कार्यक्रम मेें टेंट लगाने गया था. जहां खाने -पीने के दौरान खाली फेंके प्लास्टिक के बोतल को बीनने के लिए गांव का ही एक सात वर्षीय बालक गया था. वह फेंके हुए बोतलों को बीन ही रहा था. इसी दौरान अख्तर उसे अपने पास अकेले में बुलाकर एकांत में ले जाकर उसका हाथ व पैर रस्सी से बांध दिया. इसके बाद उसने बालक के साथ कुकर्म किया. इस दौरान बालक के गुप्तांग से खून बहने लगा. स्थिति ऐसी हो गई कि बालक के कान, नाक व मुंह से भी खून बहने लगा. यह देख आरोपी उसे छोड़कर फरार हो गया. दर्द से कराहता बालक की आवाज सुनकर उसके साथ गए साथी ने उसके हाथ व पैर खोलकर अपने साथ घर ले आए. घर पहुंचने पर बच्चे नेे पिता को पूरी घटना बताई.
इसके बाद उसके पिता ने इसकी जानकारी 100 डॉयल पुलिस को दी. मौके पर थाने और डॉयल 100 की पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. वहीं, घायल को पुलिस अपनी निगरानी में बेंवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गई. जहां इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार है. एसओ आरबी सिंह ने बताया कि मासूम बच्चे के साथ कुकुर्म करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके खिलाफ अप्राकृतिक दुष्कर्म, एससी, एसटी एक्ट व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है.

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