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तीन तलाक पीड़िता के अब्बा को बेइज्जत करके मस्जिद से निकाला… बोले- “गुनाह किया है तेरी बेटी ने”


उस मुस्लिम महिला ने तीन तलाक तथा निकाह हलाला के खिलाफ जंग का एलान क्या कर दिया, मजहबी कट्टरपंथी तो बौखला उठे. स्थिति ये हो गयी कि पहले तो उस महिला के खिलाफ फतवा जारी करते हुए उसको इस्लाम से ही खारिज कर दिया गया फिर उसके बाद जब उसके अब्बू मस्जिद में नमाज पढने गये तो उनको मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ने दी तथा उन्हें मस्जिद से निकाल दिया. हम बात कर रहे हैं बरेली के आला हजरत खानदान की पूर्व बहू तथा तीन तलाक पीड़िता निदा खान की. इस्लाम से खारिज आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी की अध्यक्ष निदा खान के पिता को कट्टरपंथियों ने शुक्रवार को नमाज नहीं पढ़ने दी तथा मस्जिद से बाहर कर दिया.

खबर के मुताबिक़, बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र निवासी निदा खान के पिता मुर्सरफ यार खान शहदाना वली दरगाह स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ने गए थे. दोपहर 1:55 बजे पर जैसे ही वो मस्जिद में पहुंचे और सुन्नी पढ़नी शुरू की तो भी नमाजियों ने इमाम से फतवे का जिक्र कर दिया. बताया गया है कि एक नमाजी ने इमाम से सवाल किया था कि क्या इस्लाम से खारिज होने वाले के परिवार को मस्जिद में नमाज के लिए इजाजत है तो मुख्य नमाजी ने इनकार कर दिया तभी मामला तूल पकड़ गया और हंगामा शुरू हो गया. देखते ही देखते कट्टरपंथी उग्र हो गये तथा निदा खान के पिता के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी तथा उन्हें मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ने दी व मस्जिद से बाहर कर दिया.

निदा के पिता ने बताया कि इमाम ने मेरे खिलाफ नमाजियों को उकसाया है. उन्होंने मुझ पर हमला करने की कोशिश भी है. घटना की सूचना मिलने पर निदा अपनी मां यासमीन और गनर को लेकर मौके पर पहुंच गई. इतने में नमाजी और दरगाह शहदाना वली पर आने वाले सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई. घटना की सूचना मिलने पर कई थानों की पुलिस और चीता मोबाइल भी मौके पर पहुंच गई.  भीड़ ने निदा और उनके परिवार को घेर लिया. पुलिस ने जैसे-तैसे उन्हें वहां से निकाला. निदा ने कहा कि मामले में एसएसपी को तहरीर दी गई है. फतवे का ऐलान करने वाले मुफ्ती और मस्जिद इमाम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.


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