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नमाज के तुरंत बाद निशाने पर ले ली गईं वहां से गुजर रही महिलाएं… आक्रोशित हुआ समाज इस अपराध के बाद

वहां हो रही थी नमाज जिसे इबादत कहा जा रहा था. नमाज के दौरान मस्जिद से सबको ईमान, अमन, सत्कर्म की बताएं गयी थी लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने ये सब बातें बताने वाले तथा सुनने वालों को विकृत मानसिक सोच को सामने ला दिया. नमाज के के बाद महिलाओं के बारे में बेहद ही आपत्तिजनक टिप्पणी की गयीए, उन्हें हेय बताया गया तथा महिलाओं के लिए ऐसे शब्दों तथा संज्ञाओं का प्रयोग किया गया जिसे हम यहाँ लिखकर नहीं बता सकते हैं. यहाँ पर सवाल ये खड़ा होता है कि आखिर ये कौन सी नमाज थी, कौन सी इबादत थी जिसकी आड़ में महिलाओं के बारे में जहर उगला जा रहा था, आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की जा रही थी?

मामला उत्तर प्रदेश के जौनपुर का है जहाँ जुम्मे की नमाज के बाद महिलाओं के प्रति अशोभनीय टिप्पणी को लेकर दो वर्गों में कहासुनी के बाद तनाव पैदा हो गया. सूचना पर पुलिस पहुंच गई. पुलिस ने मौलाना को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान कर दिया. शुक्रवार को केराकत कोतवाली में अमिहित गांव के संतोष सिंह, सौरभ पांडेय, मृत्युंजय सिंह, राहुल विश्वकर्मा, प्रेम यादव, कन्हैया सिंह, हर्षित श्रीवास्तव आदि ने कोतवाली में तहरीर दी कि गांव में स्थित मस्जिद से जुमे की नमाज के बाद लाउडस्पीकर से तकरीर चल रही थी, जिसमें मौलाना जहांगीर ने महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक बातें कहीं हैं. तभी यह सुनकर गांव के युवा आक्रोशित हो गए और मस्जिद पहुंचे तथा अपना विरोध जताया. इसे लेकर वहां कहासुनी होने लगी तथा देखते ही देखते दोनों वर्ग के लोग आमने-सामने आ गए तथा साम्प्रदायिक तनाव पैदा हो गया.

इसकी सूचना किसी ने पुलिस को दे दी तथा थोड़ी देर में ही पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आरोपी मौलाना जहांगीर को गिरफ्तार कर लिया. ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी मौलाना की ओर से अशोभनीय टिप्पणी महिलाओं के प्रति की जाती रही है. एहतियात के तौर पर गांव में फोर्स तैनात की गई है. एसपी सिटी डा. अनिल कुमार पांडेय का कहना है आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई है तथा उन्होंने लोगों से शान्ति बनाये रखने की अपील की है. ग्रामीणों का कहना है कि जहाँ देश में महिलाओं के सशक्तिकरण की बात की जा रही है वहीं मस्जिद से नमाज के के बाद महिलाओं के बारे में अशोभनीय बातें बोली जा रही हैं जो स्वीकार्य नहीं है क्योंकि महिलाओं के प्रति यही वो सोच है जो कहीं न कहीं बलात्कार आदि को बढ़ावा देती है.

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