उन्मादी नारों से जाहिर कर दिए गये थे इरादे… साजिश थी भाजपाई को घेरकर मार देने की

देशभर में लगातार बढ़ते जा रहे मजहबी चरमपंथ की आग से उत्तर प्रदेश का मेरठ शहर एक बार फिर से दहल उठा. मेरठ शहर साम्प्रदायिक नजरों से बेहद की संवेदनशील इलाका माना जाता है जहां से अक्सर उन्मादियों का कहर देखने को मिलता है तथा साम्प्रदायिक स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है. एक बार पुनः मेरठ शिकार हुआ इसी साम्प्रदायिकता के दंश का जब कुछ मजहबी उन्मादियों ने मामूली सी बात को लेकर उन्मादी नारे लगाने शुरू कर दिए तथा निशाने पर थे भाजपाई, जिसके लिए बाकायदा पूरी तैयारी की गयी थी. अगर पुलिस समय पर मुस्तैदी न दिखाती तो बड़ा बवाल होना तय था.

खबर के मुताबिक़, पत्ता मोहल्ला में कल्लू नाम के व्यक्ति का मकान बन रहा है. मकान की छत पर तराई करते वक्त उसका पानी पड़ोसी आसिफ के घर में चला गया था. इसे लेकर आसिफ ने कल्लू के साथ झगड़ा कर दिया तथा हाथापाई की. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कल्लू और आसिफ का शांतिभंग की धाराओं में चालान कर दिया. दोनों जमानत पर छूटकर शुक्रवार को बाहर आ गए, जिसके बाद आसिफ ने एक बार पुनः कल्लू पर हमला कर दिया. हमले की खबर मिलते ही भाजपा नेता वहां पहुंच गए. वे पीड़ित पक्ष को साथ लेकर देहली गेट थाने पर आ गए. इस दौरान एसपी सिटी रणविजय सिंह भी आ गए. एसपी सिटी भाजपाइयों के साथ एसओ के कमरे में वार्ता कर रहे थे. इस बीच मुस्लिम पक्ष घंटाघर की तरफ से सैकड़ों लोगों की भीड़ के साथ थाने की तरफ कूच करने लगा.

थाने के पास आकर उन्मादी भीड़ ने मजहबी नारेबाजी शुरू कर दी, इस पर माहौल गरमा गया तथा टकराव की नौबत आ गई. पुलिस ने एक पक्ष को थाने के भीतर रोके रखा ताकि कोई बड़ी घटना न घटे. इसके बाद पुलिस ने घंटाघर से थाने की तरफ कूच कर रही सैकड़ों लोगों की भीड़ पर लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा. भीड़ जब तितर-बितर हुई तो ठेली-रेहड़ों में भारी मात्रा में पत्थर रखे मिले. इसके बाद पूंछताछ में सामने आया कि ये पत्थर भाजपाइयों पर हमला करने के लिए लाए गए थे. एसपी सिटी ने इस बवाल के बाद घंटाघर के सारे बाजारों को बंद करा दिया. मामले की जानकारी देते हुए एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि खराब माहौल की वजह से उन्होंने सात थानों की फोर्स को बुलवाया और लाठीचार्ज किया, जिसके बाद हालात काबू किये जा सके.

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