अभी कुछ समय पहले ही योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया था उसी मोहम्मद कलाम को. खुद योगी को नहीं पता था कि ये आगे क्या करने वाला है

कुछ दिन पहले उसको कफील की तरह पॉलिस किया गया था तथाकथित धर्मनिरपेक्ष समाज द्वारा .. उसके गुण भजन कीर्तन जैसे गाये गए और उसकी ढोल नगाड़ों से भी ज्यादा आवाज दे कर पीटी गयी .. तब कईयो ने कहा था कि मुहम्मद कलाम के रूप में देश को एक नया कलाम मिल गया क्योंकि बताया जाता है कि उसने किसी की जान बचाने में अपना योगदान दिया था .. उसके नाम का हल्लाउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुँचाया गया और उसके चलते उसे लक्ष्मीबाई पुरष्कार दिया गया ..

लेकिन अब खुली है उसी मोहम्मद कलाम की पोल और वही निकला है एक 10 साल के मासूम का हत्यारा जिसका नाम था ऋतिक .. बताया जा रहा है कि लखनऊ के 1090 चौराहे पर मिली 10 साल के मासूम की हत्या का खुलासा हो गया है और हत्यारा कोई और नही बल्कि वही मोहम्मद कलाम निकला जिसे कुछ दिन पहले ही योगी आदित्यनाथ द्वारा सम्मानित करवाया गया था ..इस अपराधी ने दिव्यांग होते हुए भी जिस शातिर अंदाज़ में 10 साल के मासूम ऋतिक का बेरहमी से कत्ल किया वो बड़े बड़ों के होश उड़ाने के लिए काफी था ..

सराहना करनी होगी लखनऊ पुलिस की जिसने मामले की तह तक जाते हुए इस हत्याकांड को बेपर्दा कर दिया और वो सच निकाल कर दुनिया को दिखाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नही की थी . इस घटना के बाद इस मामले को योगी सरकार ने गंभीरता से लेते हुए मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है. बीते मंगलवार को हजरतगंज के 1090 चौराहे पर गुब्बारा बेचने वाले 10 साल के मासूम ऋतिक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी और लाश चौराहे के पास बने पार्क में लावारिस मिली थी.. पुलिस ने दावा किया कि मासूम रितिक की हत्या 1090 चौराहे पर ही गुब्बारा बेचने वाले दिव्यांग मोहम्मद कलाम ने की थी. लखनऊ पुलिस ने अपने इस खुलासे पर जारी के प्रेस नोट में आरोप लगाया, आरोपी मोहम्मद कलाम ने हत्या से दो दिन पहले मृतक को न सिर्फ धमकाया था बल्कि उसकी बहन से छेड़खानी तक की थी. 

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