हिन्दू लड़की मोनिका ने अपने शौहर सुहैल को सही साबित करने के लिए सबको दोषी ठहरा दिया.. हिन्दू संगठनों को , आम जनता को और यहाँ तक कि पुलिस को भी

एक और हिन्दू लड़की जिसने अपने शौहर के रूप में चुना सुहैल नाम के मुस्लिम को उसने एक लाइन से समाज के कई लोगों को दोषी ठहरा दिया केवल सुहैल को सही साबित करने के लिए . हिन्दू संगठनों द्वारा उसको समझाने के प्रयास को उसने सीधे सीधे गुंडागर्दी का नाम दे दिया और इन आरोपों की लिस्ट में उसने न सिर्फ आम जनता को लपेट डाला अपितु समाज की निष्पक्षता से रक्षा करने वाले पुलिस बल को भी कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की . अपुष्ट सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है की मोनिका ने निकाह के बाद इस्लाम कबूल कर लिया है , यद्द्पि इस मामले में अभी पुष्टि की प्रतीक्षा है .  

ये मामला उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का हैं . यहां उस समय हंगामा मच गया जब हिन्दू लड़की मोनिका को ले कर एक मुस्लिम लड़का सुहैल वहां के उपजलाधिकारी के यहाँ अपने निकाह का रजिस्ट्रेशन करवाने पहुंचा . बताया जा रहा है की सुहैल की बातों में पूरी तरह से आ चुकी मोनिका ने अपने निकाह का इस से पहले बाकायदा हाईकोर्ट में दर्ज करवा लिया था .. इसी निकाह का सर्टिफिकेट लेने ये दोनों स्थानीय अपर जिलाधिकारी महोदय के कार्यालय में गए थे जहाँ इनके अनुसार इन दोनों के साथ ज्यादती की गयी और उस आरोप की लिस्ट ने न सिर्फ हिन्दू संगठन अपितु पुलिस तक को शामिल कर लिया . मोनिका ने बताया कि वो चंडीगढ़ की रहने वाली है. उसका पति सुहैल बिजनौर के जलालाबाद का रहने वाला है. दोनों ने एक दूसरे को 5 साल तक जानने के बाद निकाह किया है .

सुहैल और उनकी बीबी मोनिका ने आरोप लगाया  है की कुछ लोगों ने एडीएम कोर्ट में ही सुहैल के साथ बदसलूकी की.  इनके अनुसार इन लोगों ने उसके साथ हाथा-पाई और गाली-गलौज भी की गयी .. इतना ही नहीं इन दोनों ने अपने आरोपों में पुलिस को भी शामिल कर लिया की पुलिस ने मौके पर सब जान बूझ कर तमाशे की तरह देखा और बाद में थाने में भी ले जा कर उन्हें धमकाया भी .. यद्द्पि मोनिका को आज अपने शौहर सुहैल के अलावा बाकी हर कहीं कमी या समस्या दिख रही है क्योंकि ये सबने देखा की पुलिस ने मौके पर लव जिहाद का आक्रोश व्यक्त कर रहे कई लोगों को अच्छे से संभाला और इन दोनों को सुरक्षा दी . फिर भी इसके बावजूद इन दोनों की इस प्रकार की झूठे आरोपों ने कहीं न कहीं कर्त्तव्यनिष्ठ पुलिस के निष्पक्ष कार्य को बदनाम करने की साजिश की है . स्थानीय जनता ने भी पुलिस के  इस मामले में किये गए कार्य को सराहा है लेकिन फिर भी मोनिका और सुहैल ने अपने आरोपों में पुलिसकर्मियों को क्यों शामिल किया ये विचार का विषय है .. इस मामले ने एक बार फिर से तन्वी उर्फ़ सादिया और अनस के मामले में पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा की हुई प्रताड़ना की याद दिला दी . 

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