शिक्षा के मंदिर में इश्कबाज़ी की जिद क्यों ? क्यों गलत कहा जा रहा लखनऊ यूनिवर्सिटी का आदेश ?

वो तो शिक्षा का मंदिर है , वहां प्रेमालाप दिखाने की मांग क्यों .. अगर इस पर पाबंदी है तो उसे तालिबानी आदेश कोई क्यो और कैसे कह सकता है ? क्या शिक्षा के मंदिर में ऐसा शोभा देता है ..कतई नहीं लेकिन पाश्चात्य कुसंस्कारों से ग्रसित कुछ लोगों ने धर्म को त्याग कर अधर्म अपनाने का फैसला कर ही लिया है तो उसका विरोध किया भी जाना चाहिए ..

प्राप्त जानकारी के अनुसार लखनऊ यूनिवर्सिटी का नोटिस, वैलेंटाइन डे पर कैंपस में छात्र घूमेंगे तो होगी कार्रवाई.. दरअसल इस बार महाशिवरात्रि और वैलेंटाइन डे एक ही दिन है, लेकिन पाश्चात्य संस्कृति का आजकल के नव युवकों पर इतना प्रभाव है कि वे अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे है.लखनऊ यूविवर्सिटी ने महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष में अवकाश घोषित किया है, और सभी छात्रों से महाशिवरात्रि का त्यौहार हर्षोउल्लास से मनाने कि अपील की है.

यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर प्रोफेसर विनोद सिंह द्वारा जारी नोटिस के अनुसार 14 फरवरी 2018 को विश्वविद्यालय में महाशिवरात्रि का अवकाश रहेगा ,यदि कोई भी छात्र-छात्रा छुट्टी के दिन परिसर में घूमता या बैठा मिला तो उसके जिम्मेदार वो खुद होंगे. नोटिस के मुताबिक वेलेंटाइन डे (14 फरवरी) के दिन कोई भी छात्र विश्वविद्यालय परिसर के अंदर न घूमे. यदि अवकाश के दिन कोई भी छात्र कैंपस में घूमता पाया गया तो उसके खिलाफ कॉलेज प्रशाशन की तरफ से कार्यवाही होगी .

Share This Post