पूरे यूपी में कई स्कूलों का हो चुका था इस्लामीकरण, जुमे की छुट्टी के साथ बहुत कुछ और… योगी न आते तो शायद ये पता भी न चलता

हाल ही में खुलासा हुआ था कि उत्तर प्रदेश के देवरिया तथा गोरखपुर जनपद के कई प्राथमिक स्कूल अन्दर ही अन्दर मदरसों में तब्दील हो गये, स्कूलों का इस्लामीकरण हो गया तथा इसकी किसी को भनक तक न लगी. लेकिन अब जी खुलासा हुआ है वो आपके होश फाख्ता कर देगा. आपको बता दें कि बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों को ‘इस्लामिया नाम देने वाले स्कूल सिर्फ गोरखपुर-देवरिया ही नहीं पूरे प्रदेश में संचालित हैं जहां प्राथमिक विद्यालय के आगे इस्लामिया शब्द जोड़कर मनमाने तौर पर अवकाश का दिन भी रविवार के स्थान पर शुक्रवार तय कर लिया गया. जानकारी मिली है कि ऐसा सिर्फ एक-दो नहीं लगभग सभी जिलों में हो रहा है. एक अखबार के मुताबिक़, सुलतानपुर में ऐसे सात, बाराबंकी में चार, सीतापुर व हरदोई में तीन-तीन, फैजाबाद व श्रावस्ती में एक-एक स्कूल मिले जहां स्कूल के नाम के पहले या बाद में इस्लामिया लिखा है.

जानकारी के मुताबिक़, सुलतानपुर में दूबेपुर ब्लॉक के मुस्लिम बहुल गांव बनकेपुर, फिरोजपुर कलां, कुड़वार ब्लॉक के धरावां व गंजेहड़ी, बल्दीराय के नंदौली, दोस्तपुर नगर पंचायत व कूड़ेभर ब्लाके के इटकौली में ये विद्यालय स्थित हैं. यहां रविवार की जगह शुक्रवार को अवकाश होता है। बाराबंकी में दरियाबाद, बनगवां, मोहल्ला गढ़ी, सतरिख में इस्लामिया नाम से स्कूल संचालित हैं. अब यहां डीएम उदयभानु के निर्देश पर बीएसए जांच कर रहे हैं, जिन्होंने बुधवार तक सभी संकुल प्रभारियों से ऐसे विद्यालयों की सूची देने को कहा है. श्रावस्ती जिला मुख्यालय भिनगा के उच्च प्राथमिक विद्यालय सत्तीचौरा की दीवार पर मोटे अक्षरों में इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय भिनगा अंकित है. सीतापुर के लहरपुर क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर, शाहकुलीपुर, सुल्तानापुर शाहपुर इस्लामिया नाम से चलते हैं. यहां के बीएसए अजय कुमार ऐसी किसी जानकारी से इन्कार करते हैं. फैजाबाद में सोहावल खंड शिक्षाक्षेत्र में इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय कोला का संचालन हो रहा है. हरदोई में तीन परिषदीय विद्यालयों में इस्लामिया स्कूल लिखे होने की बात सामने आई है.

यही नहीं उत्तर प्रदेश के मेरठ से भी ये घटना सामने आयी है. मेरठ के कई स्कूलों ने रविवार की जगह जुम्मे के दिन शुक्रवार का अवकाश लागू कर रखा है. ऐसे स्कूल अधिकतर ग्रामीण अंचलों में हैं. इनमें प्राइमरी व जूनियर स्कूल मेदपुर रजपुरा ब्लॉक, प्राइमरी स्कूल कायस्थ बड्ढा माछरा ब्लॉक, खरखौदा बीआरसी स्थित प्राइमरी व पूर्व माध्यमिक स्कूल, प्राथमिक विद्यालय जानीकलां, सिवाल, सिवाल नंबर-दो आदि में शुक्रवार को छुट्टी होती है और रविवार को बच्चों को स्कूल बुलाया जाता है. जानकारी मिले है कि खबर के सामने आने के बाद जब शुक्रवार की छुट्टी बंद कर दी गयी तो मुस्लिम समुदाय के बच्चे स्कूल से नाम कटवाकर मदरसे में दाखिला लेने लगे हैं.

मेरठ के दिल्ली रोड स्थित फैज-ए-आम इंटर कालेज में भी माध्यमिक शिक्षा परिषद के नियमों का पालन नहीं किया जाता. इसमें भी सभी बच्चों की छुट्टी शुक्रवार को होती है, जबकि रविवार को स्कूल खुलता है. स्कूल के प्रधानाचार्य अली जान का कहना है कि स्थापना के समय से ही यह कालेज शुक्रवार को बंद रहता है और रविवार को खुला रहता है. यह उनके स्कूल की नियमावली में है और परिषद से अनुमति प्राप्त है. इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक मेरठ गिरजेश कुमार चौधरी का कहना है कि परिषद की नियमावली में रविवार के स्थान पर शुक्रवार को अवकाश रखने संबंधी कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं. यदि फैज-ए-आम को परिषद से कोई विशेष अनुमति मिली है तो दस्तावेज मांगे जाएंगे. अगर ऐसे दस्तावेज नहीं मिले तो उन्हें भी परिषद के नियमों के अनुरूप ही स्कूल संचालन करना होगा. वहीं  बेसिक शिक्षा अधिकारी सतेंद्र कुमार का कहना है परिषद की नियमावली में ऐसा कोई नियम नहीं है कि रविवार की बजाय किसी और दिन छुट्टी कर ली जाए.

Share This Post

Leave a Reply