सत्ता व कानून को चुनौती देता कुकर्म… पोती की उम्र की मासूम से बलात्कार किया शकील ने..

वो उसको दादा कहती थी लेकिन शायद वह नहीं जानती थी कि जिस शकील को वह दादा कहती है, असल मेंवह दादा नहीं बल्कि एक दरिंदा है तथा उसके बच्चपन को अपने हवस कि भूख में रौंदने वाला है. आखिर वह कौन सी सोच है जो महिलाओं को, बच्चियों को अपने हवस की भूख के पैरों तले रौंद देती है तथा उनकी इज्जत को तार-२ कर देती है? ये सोच अपनी हवस में इतनी ज्यादा अंधी हो जाती है कि रिश्ते नाते मान-मर्यादा सब को कलंकित कर देती है? आखिर ये सोच आती कहाँ से है तथा क्या इस सोच का व्यक्ति इंसान कहलाने लायक भी है?

इसी दुराचारी सोच का शिकार उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की एक 7 साल की मासूम बच्ची हुई है जिसके साथ उसके दादा की उम्र के शकील नामक व्यक्ति ने बच्ची के घर में घुसकर बेरहमी के साथ दरिंदगी की तथा उस मासूम के बचपन को कुचल दिया. बताया गया है कि घर में घुसकर नाबालिग मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाला शकील नशे में धुत था. दुष्कर्म के दौरान जब बालिका चिल्लाने चीखने लगी तो आस पड़ोस के लोग आ गए तथा उसे पकड़कर पिटाई कर दी तथा पुलिस बुलाकर पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने दरिंदगी की शिकार बालिका को इलाज व परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा है. उधर, इस शर्मनाक घटना के बाद लोगों में शकील के प्रति आक्रोश व्याप्त है.

शर्मशार करने वाली ये घटना बाराबंकी के शहर कोतवाली के एक मोहल्ले में स्थित कांशीराम कालोनी की है. मंगलवार को 7 साल की मासूम बच्ची के माता पिता कहीं बाहर गए थे. घर पर वह अपने छोटे भाई के साथ थी. दोपहर में स्थानीय निवासी अधेड़ शकील नशे में बालिका के घर में घुस गया. बालिका के साथ हैवानियत कर रहे अधेड़ ने उसे धमकाया तथा बेरहमी के साथ बलात्कार किया. बताते हैं कि बच्ची की चीखपुकार सुनकर लोग मौके पर पहुंचे, लोगों ने उसे पकड़कर पिटाई की तथा आनन-फानन पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया. अधेड़ शकील के खिलाफ रेप व पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है.

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