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इतनी बड़ी साजिश तो कभी लश्कर और हिजबुल ने भी नहीं की थी राष्ट्र के खिलाफ जो करने वाले थे “भीम आर्मी” के दंगाई.. पढ़िए और बोलिए- धन्यवाद UP पुलिस


खुलासा हुआ है भीम आर्मी नामक संगठन की ऐसी साजिश का जिसकी आग में केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं नहीं पूरा देश झुलस सकता था. इतनी बड़ी साजिश तो लश्कर और हिजबुल जैसे आतंकी संगठन न रच जितनी बड़ी साजिश भीम आर्मी के दंगाई रच रहे थे, लेकिन धन्यवाद है उत्तर प्रदेश पुलिस का कि उन्होंने भीम आर्मी के नापाक मंसूबों को कामयाब न होने दिया.  सचिन वालिया के मौत का बदला लेने बहाने जातीय हिंसा फैलाने की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने भीम सेना के छह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है. केन्द्रीय खुफिया एजेंसी ने इस संबंध में मेरठ पुलिस को सूचना दी थी. सचिन वालिया भीम आर्मी के सहारनपुर जिला अध्यक्ष कमल वालिया का भाई था.

मेरठ जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि गिरफ्तार युवकों की पहचान मेरठ निवासियों राहुल, दीपक, सतवीर, रविन्दर कुमार भरत और गाजियाबाद निवासियों बंटी व नितिन के रूप में हुई है. बता दें कि 9 मई को सचिन वालिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी. आशंका ये भी जताई गयी है कि उसकी ह्त्या आपसी विवाद मे हुई है. फिलहाल उसको लेकर पुलिस की जाँच जरी है. गिरफ्तार किए गए भीम आर्मी के छह दंगाइयों के पास से सात मोबाइल फोन बरामद किये गये हैं. ये सभी करीब एक साल पुराने व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए जुड़े थे. पुलिस ने उनकी चैट सुरक्षित कर ली है.
मेरठ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने दावा किया कि इन लोगों ने सहारनपुर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ ठाकुर और गुर्जर नेताओं की हत्या करने की साजिश रची थी. प्रशांत कुमार के अनुसार, पुलिस पूछताछ के दौरान राहुल ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए वे लोग करीब साढ़े तीन हजार लोगों से जुड़े हुए थे. ये लोग सहारनपुर में हुई सचिन वालिया की हत्या का बदला लेने और हिंसा भड़काने के लिए ठाकुर और गुर्जर बिरादरी के किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति विधायक आदि की हत्या की योजना बना रहे थे. युवकों ने यह भी बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ दलित युवक जातीय हिंसा फैलाने तथा कैराना-नूरपुर के उपचुनाव को प्रभावित करने का षड्यंत्र कर रहे थे.
बता दें किकेन्द्रीय खुफिया एजेंसी ने इस संबंध में मेरठ पुलिस को सूचना दी थी. उसी आधार पर पुलिस ने राहुल को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर अन्य युवकों को गिरफ्तार किया गया. बताते चलें कि क्षत्रिय समाज ने महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर सहारनपुर के रामनगर में शोभायात्रा निकाली थी. इसी दौरान कमल वालिया के भाई की संदिग्ध रूप से गोली लगने से मौत हो गई थी. भीम आर्मी के लोग इसका आरोप राजपूत समाज पर लगा रहे हैं हालाँकि इसका अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है तथा सचिन वालिया की हत्या का शक उसी करीबी लोगों भी किया जा रहा है. लेकिन सचिन वालिया की मौत के बहाने भीम आर्मी पूरे देश में जातीय हिंसा को भडकाना चाहती थी लेकिन जांबाज मेरठ पुलिस ने इनके नापाक मंसूबों को नेस्तानाबूद कर दिया.


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