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सहारनपुर पुलिस के तेवरों के बाद भीम आर्मी ने टेके घुटने… बदल गयी आवाज, सुधर गये अंदाज


हाजी इकबाल के इशारे पर भीम आर्मी नामक संगठन ने हिन्दू समाज को तोड़ने के अनेकों प्रयास किये. हिन्दू समाज को राजपूत बनाम दलित की जातीय हिंसा में झोंकने का प्रयास किया, इसके लिए उसने हिंदुत्व के महानतम योद्धा महाराणा प्रताप की जयंती मनाने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दे डाली. इसी बीच महाराणा प्रताप जयंती के दिन भीम आर्मी के सहारनपुर जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया की गोली लगने से मौत हो गयी. आरोप लगाया गया कि राजपूत समाज के लोगों ने सचिन वालिया की ह्त्या की है, जबकि हत्या के समय ही आशंका जताई गयी थी सचिन वालिया की हत्या उसके ही साथियों की थी.

एक समय उन्माद की पराकाष्ठा को पार चुकी भीम आर्मी के तेवर अब बदल चुके हैं. बार बार अंजाम भुगतने की चेतावनी देने वाली भीम आर्मी ने अब सहारनपुर पुलिस के आगे घुटने टेक दिए हैं तथा हमेशा जातिवादी वैमनस्यता की बात करने वाली भीम आर्मी अब जातिगत द्वेष छोड़ सबके साथ मिलकर चलने की बात कह रही है. भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मंजीत नोटियाल और सहारनपुर जिलाध्यक्ष कमल वालिया ने कहा कि उनके संस्थापक अध्यक्ष चंद्रशेखर और विनय रतन कानपुर जेल में बंद हैं, इसलिए तय किया गया है कि अब भीम आर्मी की तरफ से कोई भी अधिकृत बयान के लिए राष्ट्रीय प्रवक्ता और जिलाध्यक्ष ही अधिकृत किए गए है. उन्होंने कहा कि वे महाराणा प्रताप जयंती समारोह आयोजित किए जाने के विरोधी नहीं हैं और समाज की मुख्य धारा के साथ रहना और चलना चाहते हैं.

मृतक सचिन वालिया के भाई कमल वालिया ने यह भी कहा कि भीम आर्मी के अपने साथियों ने सचिन की मौत के बाद सच्चाई को उनसे तीन दिन तक छुपाए रखा. अगर वे लोग उसको घटना वाले दिन ही सच्चाई बता देते तो न दलित भड़कते और ना ही हत्या की एफआईआर कराई जाती. कमल वालिया ने भाई की हत्या में सामने आए सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी काईवाई की मांग की हैं. गौरतलब है कि 9 मई को सचिन वालिया की मौत उन्हीं के साथियों द्वारा चलाए गए तमंचे से हुई थी, जिसमें एक आरोपी प्रवीण जेल जा चुका हैं और दूसरा आरोपी निहाल गिरफ्तारी के डर से घर पर ताला लगाकर फरार हो गया है.

पुलिस अधीक्षक शहर प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि सचिन को गोली लगने के दौरान भीम आर्मी के आठ आदमी कमरे में मौजूद थे, उनमें से पुलिस ने छह को हत्या का आरोपी और दो को सरकारी गवाह बनाया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में मृतक सचिन वालिया की मां ने देहात कोतवाली में राजपूत समाज के लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी. लेकिन अब इसमें वास्तविक हत्यारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. कमल वालिया ने कहा है कि वह न राजपूत समाज और न ही किसी अन्य के खिलाफ झगड़ा चाहते हैं बल्कि सबके साथ मिलकर चलना चाहते हैं.


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