जैन मुनि के खिलाफ युवती के इस बयान के बाद कोई आराम से समझ सकता है कि किस प्रकार निशाने पर हैं मंदिर और धर्म..

क्या हिन्दू संतों के बाद अब अगला निशाना जैन मुनि हैं? अगर आप गहराई से प्रश्न का जवाब खोजेंगे तो उत्तर आयेगा “हाँ”. क्योंकि कुछ दिनों प्रख्यात जैन मुनि नयन सागर जी महाराज पर न सिर्फ एक युवती के अपहरण का आरोप लगा बल्कि उनके चरित्र पर भी सवाल खड़े किये गये. इसके लिए एक विडियो का सहारा लिया गया जिसमें युवती रात के समय कम कपड़ों में जैन मुनि के कमरे से बाहर निकलती हुई दिखाई दी. लेकिन इसकी वास्तविकता उस समय उजागर हुई जब वः युवती खुद सामने आयी जो जैन मुनि के कमरे से निकलती हुई दिखाई दी. इसके बाद युवती ने जो खुलासा किया वो न केवल हैरान करने वाला था बल्कि साबित कर रहा था कि हिन्दू संतों के बाद जैन मुनि के खिलाफ भी साजिशें रची जा रही हैं.

आपको बता दें कि जैन मुनि नयन सागर महाराज के साथ युवती की वायरल हुई वीडियो के मामले में युवती ने खुलासा किया कि वहलना के पदाधिकारी समेत 3 लोगों ने उसे ब्लैकमेल कर दबाव बनाया. धमकी देकर उसे महाराज के कमरे में भेजा गया. उसने कहा कि महाराज को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है. अब उसे भी जान का खतरा बना हुआ है.  सोमवार को युवती सहारनपुर पहुंची और डीआईजी को ज्ञापन सौंपा जिसमें उसने सारी हकीकत बयाँ की है. युवती ने कहा कि वहलना के एक पदाधिकारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर जैन मुनि को बदनाम करने का षडयंत्र रचा. उसके बाद आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो बनाकर सोशल साइट पर वायरल करने की धमकी दी और ब्लैकमेल किया.  रुड़की में आरोपी उसे मिला और धमकाकर 14 अप्रैल को वह उसे वहलना ले आया. जहां उससे कहा गया कि अपनी जान की सलामती चाहती है तो जैसे-जैसे कहा जा रहा है, वैसे-वैसे करे.

युवती ने आगे बताया इसके बाद उसे महाराज के कमरा नंबर 101 में भेजा गया और एक घंटे तक उलझाकर रखने को कहा गया. महाराज ने उससे बात करने की तथा वहां से जाने के लिए कहा लेकिन वह किसी तरह से बातों में उलझाए रही. उसके बाद वह अपने 105 नंबर कमरे में चली गई. 23 जून को उक्त लोगों ने फिर उसे बुलाया व पुन: महाराज के कमरे में भेजा गया. महाराज के सेवक ने उससे जाने के लिए कहा लेकिन वह बहाने बनाकर महाराज के कमरे में ही रही. उसने षड्यंत्र के बारे में महाराज को बताया. उस पर महाराज ने उससे चुपचुप निकल जाने के लिए कहा. लड़की ने आरोप लगाया कि फिर उक्त लोगों ने रात लगभग 9 बजे उसे छोटे कपड़े पहनकर महाराज के कमरा नंबर 101 के बाहर गैलरी में टहलने के लिए कहा. इसके साथ यह भी कहा कि जब महाराज आते नजर आएं तो वहां से निकलकर अपने कमरे में चली जाए. उसे एक मोबाइल दिया गया, जिस पर मैसेज कर उसे हर बात बताते रहे. सुबह उसने उनके कपड़े और मोबाइल उनके ड्राइवर को दे दिए और वहां से बस से रुड़की चली गई.

युवती ने आगे बताया कि उसे 10 लाख रुपए का लालच भी दिया गया तथा उस पर अनैतिक कार्य का दबाव भी बनाया गया. उनके साथ आई एक महिला ने उसके साथ मारपीट भी की. उसने आरोप लगाया कि उसे अपने परिजनों और साजिशकर्ताओं से अपनी जान का खतरा है क्योंकि उसके माता पिता साजिशकर्ताओं के साथ हैं. युवती ने कहा कि यह सब साजिश महाराज को फंसाने के लिए रची गई है लेकिन अब वह डरने वाली नहीं है तथा वह पावन जैन धर्म को बदनाम नहीं होने देगी. युवती के इस खुलासे के बाद श्री दिगंबर जैन सोसाइटी के कार्यकारी अध्यक्ष अजय जैन ने कहा कि मैं पहले भी कहता था कि यह साजिश है. साजिश का पर्दाफाश हो गया है. पुलिस मामले की पूरी तरह से जांच करे और साजिशकर्ताओं को तुरंत गिरफ्तार करे.

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