अब एक IAS अधिकारी के खिलाफ SC / ST एक्ट लगाने की मांग की.. थाने में दी गयी तहरीर

अभी हाल ही में जिस भारत बंद ने मीडिया में सुर्खियां बटोरी थी उसको आयोजित करने के मुद्दे पर मात्र कुछ वर्गों को अग्रणी बताया गया था .. इसी आंदोलन में कई वर्ग ऐसे भी थे जो तटस्थ रहे ..इस बीच अब केंद्र सरकार द्वारा पारित SC ST एक्ट के विवाद ने जोर पकड़ लिया है और ये आने वाले समय मे भारतीय जनता पार्टी के लिए मुसीबत का विषय बनता जा रहा है ..अभी हाल में ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  को इसी मामले में दोषी बनाने की मांग ने पकड़ा था तूल तो अब इसकी जद में आ गया है एक IAS अधिकारी भी जिसके खिलाफ इसी एक्ट में कड़ी कार्यवाही की मांग के साथ थाने में दी गयी है तहरीर ..

ये तहरीर किसी और ने नहीं बल्कि उसी अधिकारी के अधीनस्थ कर्मचारी ने देते हुए फौरन  हीIAS एसडीएम को गिरफ्तार करने की मांग दोहराई है ..इस घटना ने एक बार अफसरों तक को हिला कर रख दिया है और उन्हें भी नए कानून के बारे में सोचने व सम्भलने के लिए मजबूर कर दिया है …ये मामला है योगी आदित्यनाथ शासित उत्तर प्रदेश का जहाँ इस एक्ट के खिलाफ आयोजित  भारत बंद भी काफी प्रभावी रहा था ..यहां पर एक IAS अधिकारी जो SDM हैं, उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में दी गयी है तहरीर और मांग हुई है फौरन गिरफ्तारी की .

ध्यान देने योग्य है कि भारतीय जनता पार्टी के नरेंद्र मोदी शासित केंद्र सरकार के एससी-एसटी एक्ट को मान्यता देने के बाद बिजनौर में इसके प्रयोग का पहला मामला सामने आया है। यहां पर एसडीएम के पद पर तैनात एक आइएएस अधिकारी के खिलाफ उनके स्टेनो ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने का आरोप लगाया है। स्टेनो ने थाना में तहरीर देकर एसडीएम के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। बिजनौर में चांदपुर एसडीएम के पद पर तैनात आइएएस अधिकारी आलोक यादव के खिलाफ उनके ही स्टेनो ने जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। स्टेनो ने एसडीएम के खिलाफ थाने में तहरीर देकर एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।

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