अब यूपी पुलिस बनी मॉब लिंचिंग का शिकार.. अपराधी शाहिद को गिरफ्तार करने गयी पुलिस पर उन्मादियों का हमला.. S.I. व सिपाही बुरी तरह घायल..

देश में इस समय मॉब लिंचिंग को लेकर राजनैतिक बयानबाजी चरम पर है तथा इसे लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है लेकिन ये बयानबाजी उस समय मौन धारण कर लेती है जब उत्तर प्रदेश की पुलिस मॉब लिंचिंग का शिकार होती है तथा मजहबी उन्मादी पुलिस के जवानों को बंधक बना लेते हैं, पिटाई करते हैं. मामला उत्तर प्रदेश के वाराणसी का है. खबर के मुताबिक़, कन्हईसराय चौक गांव में बुधवार की सुबह किशोरी के अपहरण के आरोेपी के दोस्त की तलाश में छापामारी करने गए लोहता थाने के एक दरोगा और तीन सिपाही को ग्रामीणों ने जमकर पीटने के बाद बंधक बना लिया. सूचना पाकर लोहता सहित आसपास के छह थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और दरोगा व तीनों सिपाही को तीन घंटे के बाद मुक्त कराया जा सका.

पुलिस टीम को उन्मादियों द्वारा बंधक बनाने व हमला करने की जानकारी मिलने के बाद देर शाम 10 थानों की फोर्स, एक कंपनी पीएसी और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड के कमांडो के साथ एसपी ग्रामीण ने गांव में सर्च आपरेशन चलाकर 26 लोगों को गिरफ्तार किया. प्रकरण को लेकर थानाध्यक्ष लोहता राम कुमार सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए एसएसपी ने निलंबित कर जांच बैठाई है. पुलिस की ओर से लोहता थाने मेें हाजी यासीन सहित 26 लोगों के खिलाफ पुलिस पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है. सभी के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई की जाएगी. एहतियातन गांव में तीन थानों की फोर्स, एक प्लाटून पीएसी और एक क्यूआरटी तैनात की गई है.

आपको बता दें कि लोेहता थाना अंतर्गत धमरियां गांव निवासी 16 वर्षीय युवती का अपहरण जुलाई के पहले हफ्ते में हुआ था. मामले को लेकर सिगरा थाना के औरंगाबाद निवासी शाहिद अंसारी के खिलाफ लोहता थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. बुधवार को पुलिस को जानकारी मिली कि शाहिद की धमरिया निवासी एक युवक से बातचीत होती है. इस सूचना पर सादे कपड़े में दरोगा भूपेंद्र सिंह और सिपाही मैनेजर चौहान, पवन व राहुल प्रसाद धमरिया गए तो पता लगा कि शाहिद का दोस्त कन्हईसराय चौक स्थित अपने नाना हाजी यासीन के घर में है. इस सूचना पर दरोगा और तीनों सिपाही कन्हईसराय चौक गांव जाकर हाजी यासीन के घर में जाने का प्रयास किया तो उन्मादियों की भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया तथा इसके बाद उन्हें बंधक बना लिया. सूचना पाकर लोहता सहित आसपास के छह थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और दरोगा व तीनों सिपाही को तीन घंटे के बाद बड़ी मुश्किल मुक्त कराया जा सका.

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