कासगंज के बाद अब शाहजहांपुर में भी निशाने पर तिरंगा. तिलहर में तिरंगा यात्रा पर पत्थरबाजी में राष्ट्रवादी कार्यकर्ता घायल

वन्देमातरम से विरोध था , फिर जन गण मन से भी हुआ और अब इस विरोध की तपिश में आ गया है भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी . आखिर भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों से इतनी नफरत क्यों ? यद्दपि भगवा रंग भी सिर्फ शौर्य और शांति का प्रतीक है लेकिन क्या अब भगवा के बाद उन्होंने तिरंगे का नंबर लगा दिया है ? और एक सवाल ये भी है कि तिरंगे के बाद अब उनके निशाने पर कौन सा राष्ट्रीय प्रतीक है ?

ज्ञात हो कि कासगंज की घटना से ज़रा सा भी सबक लिए बिना, इस पर ज़रा सा भी क्षोभ प्रकट किये बिना कुछ कुख्यात मज़हबी कट्टरपंथी नया मोर्चा खोलने की फिराक में हैं इसके लिए उन्होंने चुना है अतिसंवेदनशील बरेली के पड़ोस का जिला शाहजहांपुर .एक बार फिर से शाहजहांपुर के तिलहर इलाके में तिरंगे की यात्रा पर पथराव की खबर आ रही है . घटना बुधवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है .बताया जा रहा है कि विश्व हिन्दू परिषद्वि और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मिल कर सामूहिक रूप से तिरंगा यात्रा निकाली थी . इस दौरान बिरियागंज पुलिस चौकी के पास कुछ मज़हबी कट्टरपंथी अपराधियों ने इस बेहद शांत और संयमित ढंग से गुजर रही यात्रा पर पत्थरबाजी की .

इस पत्थरबाजी में तिरंगा यात्रा में शामिल हिन्दू संगठन का एक कार्यकर्ता घायल हो गया है . यद्दपि इस बार पुलिस बेहद सतर्क थी और इस यात्रा के साथ चल रही पुलिस जैसे ही हरकत में आई पत्थरबाज फौरन ही वहां से फरार हो गये . घोर राष्ट्रद्रोही और अपराधिक स्वरूप वाली इस घटना के बाद विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ता तिलहर कोतवाली में एकत्रित हो गए। दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की जाने लगी। पत्थर लगने से यात्रा में शामिल कुछ लोग घायल भी हुए हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है । मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम तिलहर और सीओ कोतवाली पहुंच गए हैं। इस घटना के बाद तिरंगे के खिलाफ खड़े होते जा रहे एक ख़ास वर्ग के मज़हबी कट्टरपंथियों के खिलाफ जनाक्रोश बढ़ता ही जा रहा है . 

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