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UP उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य का गृहजिला कौशाम्बी मोहम्मद सऊद की गुंडागर्दी से ऐसा कांप रहा कि खौफ़ से महिला अधिकारी ने ऑफिस जाना छोड़ा

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भले ही लाख कह लें कि एक वर्ग विशेष सहमा या डरा हुआ है लेकिन जब तथ्यों की जमीनी पड़ताल की जाती है तो हकीकत न सिर्फ उनके बयान के उलट निकल रही है अपितु और भी अधिक भयावह हो कर सामने आ रही है . उत्तर प्रदेश को सुधारने के तमाम दावों के बीच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं जो किसी का भी कलेजा कंपा देने के लिए काफी हैं . ख़ास कर गंभीरता तब और अधिक हो जाती है जब वो जिला प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का गृह जनपद हो और वहीँ पर एक आक्रान्ता ऐसा खौफ पैदा करे कि जनसामान्य तो दूर एक अधिकारी भी कार्यालय जाने से डर जाए .

विदित हो कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का गृह जनपद कौशांबी आज कल वहां के एक ब्लाक प्रमुख मोहम्मद सऊद की दादागीरी के चलते कुछ यूं चर्चा में आया है कि जिले की एक महिला खंड विकास अधिकारी ने उस खौफनाक ब्लाक प्रमुख के डर से दफ्तर जाना ही छोड़ दिया है. इस मुद्दे को विपक्षी दल योगीराज की पटरी से उतर रही कानून व्यवस्था से जोड़ कर देख रहे हैं और हो भी क्यों न , आखिर ये प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का गृह जिला है जिन्होंने ध्वस्त कानून व्यस्था के नाम पर ही प्रदेश में बड़ी मेहनत करते हुए भाजपा को प्रचंड बहुमत दिलवाया था .

इस अतिचर्चित ब्लाक प्रमुख पर आरोप है कि इसने न सिर्फ खंड विकास अधिकारी के कार्यालय में घुसकर आतंकियों के अंदाज़ में हथियार लहराए अपितु सीधे सीधे जान से मार डालने आदि की धमकी भी दी . जिसके बाद मौत के खौफ से डरी सहमी खंड विकास अधिकारी अब दफ्तर ही नहीं जा रही है। मामले में खंड विकास अधिकारी मूरतगंज श्वेता सिंह ने इस बाबत थाने में शिकायत की जिसके बाद ब्लाक प्रमुख सऊद अहमद समेत 14 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने मामले में पड़ताल करनी शुरू कर दी है और उच्चाधिकारियों से सम्पर्क साध रही है लेकिन अब तक ऐसी दुस्साहस को करने वाले ब्लाक प्रमुख की गिरफ्तारी न होगा एक बहुत बड़ा सवाल है वहां की पुलिस की साख पर. 

स्थानीय सूत्रों के अनुसार अनुसार कौशांबी के मूरतगंज विकासखंड में सऊद अहमद ब्लाक प्रमुख है, बतया जा रहा है कि इलाहाबाद के दुर्दांत अपराधी और योगीराज में हिटलिस्ट में चल रहे अतीक अहमद का बेहद ख़ास और करीबी ये ब्लाक प्रमुख काफी दिन से इस महिला अधिकारी को दवाने के हर जतन कर रहा था . पहले तो अवैध वसूली आदि की झूठी शिकायतें कर के जब ये अपने इरादों में सफल नहीं हुआ तो इसने सीधे सीधे आतंक फैलाने और दहशत बनाने का रास्ता चुना. एक महिला अधिकारी को बार बार कत्ल की धमकी देना और अपनी ऊंची पहुच दिखाना आदि के बाद भी स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनी रही .   
प्राप्त सूत्रों के अनुसार जिस दिन ये घटना घटी उस दिन लगभग 8 दिन बाद अधिकारी श्वेता सिंह  अपने कार्यालय में जनता से मिल कर उनकी समस्याएं सुन रही थी . उसी समय ब्लाक प्रमुख सऊद अहमद अपने कुछ आपराधिक तत्वों के साथ कार्यालय में घुस गया और अपराधिक अंदाज़ में अपने 14 साथियों सहित महिला अधिकारी के साथ सीमा के पार अभद्रता की . इस सनसनीखेज हरकत से डरी-सहमी श्वेता सिंह ने थाने में शिकायत करने के बाद दफ्तर आना ही छोड़ दिया। ऐसी घटनाए योगीराज के रामराज्य पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं और सवाल उठती हैं कि जहाँ अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं वहां आम जनता का क्या हाल होगा ? कौशाम्बी पुलिस के लिए भी ये घटना किसी बड़े शर्म से कम नहीं है क्योकि वो उस जिले की रखवाली कर रहे हैं जो प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी का गृह जनपद है .

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