योगी ने कहा था कि बकरीद में खुले में नहीं कटेंगे जानवर.. उन्होंने अस्पताल में घुस कर उधेड़ दी खाल

उनको तमाम दिशा निर्देश मिले थे की उन्हें खुले में जानवर आदि नहीं काटने हैं . आदेश तो यहाँ तक थे की खून और हड्डियाँ आम जनता को न दिखे और न ही उन्हें नालियों में बहाया जाय जिस से कि वो वातावरण को दूषित न कर पायें . लेकिन उन तमाम आदेशो को दरकिनार करते हुए एक वर्ग ने दी है सत्ता को सीधे सीधे चुनौती और ठेंगा दिखाने की कोशिश की है सत्ता के सभी तंत्र को .. 

ये घटना बताई जा रही है उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के .. यहाँ का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे एक अस्पताल में खुलेआम न सिर्फ जानवर की क़ुरबानी दी गयी है अपितु सबके आगे उसको अस्पताल में काट कर उसकी खाल को उतारा जा रहा है . इस वायरल वीडियो को बना कर वायरल करने के पीछे खुल कर शासन के आदेश की धज्जी को खुद भी उडाना है और बाकी अन्य को भी उसके लिए प्रेरित करना है ..  

बताया जा रहा है की यह वीडियो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। बताया ये भी जा रहा है की यहाँ पर बीच अस्पताल के परिसर में जानवर की क़ुरबानी देने वाला कोई और नहीं बल्कि खुद यहाँ का एक मुस्लिम स्टाफ है जिसने खुद के मजहबी कानून को शासनादेश से बड़ा माना है . यहाँ ध्यान देने योग्य ये है कि सार्वजनिक स्थल पर कुर्बानी को लेकर योगी सरकार की गाइड लाइन जारी हुई थी। योगी सरकार ने कहा था कि सार्वजनिक स्थल पर कुर्बानी नहीं दी जाएगी। लेकिन सरकार की गाइड लाइन को नकारते हुए कुर्बानी खुलेआम दी जा रही है। जब इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर नित्यानन्द चौधरी ने वीडियो को लेकर मीडिया से कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में अब तक नहीं आया है। यह वीडियो यूपी के जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर कादीपुर सीएचसी का बताया जा रहा है।

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