सूखे नहीं हैं अयोध्या में बलिदानी रामभक्तों के खून के छींटे….मुलायम के खिलाफ उठी है एक मांग जिसका हर हिन्दू कर रहा है समर्थन

जब कोई व्यक्ति पाप करता है तो उसको उसके पापों की सजा अवश्य मिलती है और मिलनी भी चाहिए क्योंकि अगर पापी को सजा नहीं मिली तो ये धर्म के खिलाफ है इससे कानून का मजाक बनता है तथा इससे अधर्म को बढ़ावा मिलता है व पापियों का हौसला बढ़ता है. भारतीय लोकतंत्र के बारे में भी कहा जाता है कि कोई भी हो लेकिन उसको कुकर्मों की सजा उसको अवश्य दी जायेगी.

इसके बाद भी अयोध्या में रामभक्त कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले तथा उनकी ह्त्या कराने वाले मुलायम सिंह यादव इस मामले में अपवाद हैं. कश्मीर में सेना पर पत्थरवाजी करने वाले, आतंकियों को अपने घर में छिपाने वाले देशद्रोही अगर भारयीय सेना की गोली से मर जाते हैं तो देश की रक्षक सेना को भी अदालत में घसीट लिया जाता है लेकिन हजारों रामभक्तों को मरवाने वाले मुलायम सिंह को अभी तक कोई सजा नहीं मिली है और न कोई कारवाही हुई. ये न सिर्फ भारतीय लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है बल्कि देश के कानून के लिए शर्मनाक भी है.

लेकिन अयोध्या में रामभक्तों का नरसंहार कराने वाले तथा घोर तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले सपा नेता व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह को उनके पापों की सजा मिलने का समय शायद आ चुका है. 1990 के अयोध्या गोलीकांड में बलिदान हुए कोलकाता के रामभक्त कोठारी बंधू हुतात्मा राम कोठारी व हुतात्मा शरद कोठारी की बहिन ने अब मुलायम के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है. कोठारी बंधुओं की बहिन पूर्णिमा कोठारी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर डीजीपी उतर प्रदेश व फैज़ाबाद के एसएसपी से पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के खिलाफ हत्या की साजिश व हत्या कराने का मुकदमा चलाने की मांग की है.

पूर्णिमा कोठारी ने बताया कि उनके दो सगे भाई राम कुमार व शरद कुमार कोठारी 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या कारसेवा रामन्दिर के लिए गए थे और उनके दोनों भाइयों ने रामजन्मभूमि पर सबसे पहले गुम्बद पर चढ़ कर विजय ध्वज पताका फराया था और 2 नवंबर 1990 को पुनः लाखों कारसेवकों के साथ दिगम्बर अखाड़े के पास लाल कोठी की गली में मुलायम सरकार की ओर से गोली चलाई गई जिसमें उनके दोनों भाइयों की मौत हो गई थी.

पूर्णिमा कोठारी कहती हैं कि आखिर क्या कारण है जो इतने बड़े नरसंहार के दोषी पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई. इसमें सिर्फ मेरे भाई नहीं बल्कि मेरे जैसी कई बहिनों ने अपने भाइयों को खोया था लेकिन किसी को आज तक न्याय नहीं मिला. पूर्णिमा ने बताया की अब उनके माता पिता भी इस दुनियां में नहीं है अब वो अकेली हैं तथा अपने भाइयों को अन्य बलिदानी रामभक्तों को इंसाफ दिलाने के लिए उन्होंने तहरीर देकर मुलायम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से की है. यदि मुकदमा नहीं दर्ज होगा तो वे फैज़ाबाद के न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर न्याय की मांग करेंगी.

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