योगीराज में महाशिवरात्रि में शिवभक्त कांवड़ियों पर पुलिस का कहर. डीजे किया जब्त, विरोध करने वाले 12 हिरासत में

यकीनन अदालत के आदेश के बाद अभी तमाम मज़हबी स्थलों से लाऊडस्पीकर नहीं उतरे क्योंकि पुलिस औए प्रशासन का एक वर्ग अभी भी पिछली सरकारों के सिद्धांत पर चल रहा है जो शांति और सौहार्द बनाये रखने के लिए केवल हिंदुओं के ही दमन को एकमात्र रास्ता मानता है .. और यही हुआ है उत्तर प्रदेश मुरादाबाद के कुंदरकी इलाके में जहां महाशिवरात्रि जैसे पावन दिन हरिद्वार से जल ले कर आ रहे कांवड़ियों पर गिरा है पुलिस का कहर ..

यकीनन मुरादाबाद के कुंदरकी में कहीं से नही लगा कि ये योगीराज है .. हरिद्वार से जल ले कर लौट रहे कांवड़ियों के डीजे में महादेव के गाने बज रहे थे जिसे तथाकथित कट्टर मज़हबी सहन नही कर पाए और उन्होंने फौरन ही पुलिस से इसको खामोश करवाने को बोला .. उनके एक शिकायत पर कुंदरकी पुलिस  सक्रिय हो गयी और पहुच गयी इसको बन्द करवाने  शिव के गाने बन्द होने और डीजे बन्द होने से जत्थे में चल रहे इमरतपुर गांव के कांवड़िए भड़क गए। कांवड़ियों ने हाईवे पर जाम लगाकर नारेबाजी, जिससे तीन घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

बाद में पुलिस ने हंगामा कर रहे 12 युवकों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। कुंदरकी थाना क्षेत्र के ग्राम इमरतपुर सिरसी के कांवड़ियों का जत्था हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट था। मंगलवार शाम कांवड़ियों के जत्थे में डीजे शामिल था। यह जत्था गांव के निर्धारित मार्ग पर होता हुआ चामुंडा देवी स्थल पर पहुंचता है। गांव के दूसरे वर्ग के कुछ लोगों ने थाने में जाकर शिकायत कर दी कि कांवड़ियों का जो जत्था गांव आ रहा है उसमें डीजे लगाना नई परंपरा है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष धीरज सिंह पुलिस बल के साथ नगर में ही डा. अंबेडकर पार्क के पास पहुंचे और उन्होंने इमतरपुर सिरसी के कांवड़ियों के जत्थे को रोक दिया। थानाध्यक्ष ने कांवड़ियों से डीजे हटाने को कहा तो वह कहने लगे कि पहले से ही डीजे के साथ जत्था गांव पहुंचता है लेकिन पुलिस इस बात से सहमत नहीं हुई।

थानाध्यक्ष ने ट्रैक्टर-ट्राली समेत डीजे को जब्त कर थाने भिजवा दिया, जिस पर कांवड़िए भड़क गए और उन्होंने हाईवे पर जाम लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने समझाने के बाद वह हाईवे से नहीं हटे और कांवड़ियों ने मांग की कि वह डीजे के साथ ही अपने गांव जाएंगे। इस दौरान पुलिस से नोकझोंक भी हुई। सूचना पर एसडीएम रामप्रकाश और सीओ राजेश कुमार ने कांवड़ियों से डीजे का अनुमति पत्र मांगा। उनकी अनुमति से संबंधित प्रार्थना पत्र दिखाया, जिसमें पुलिस की रिपोर्ट नहीं थी। करीब तीन घंटे बीतने के बाद भी कोई हल नहीं निकला।

बाद में कांवड़ियों ने फिर से हाईवे पर जाम लगाया तो कुंदरकी-बिलारी पुलिस के साथ रैपिड रेस्पांस फोर्स (आरआरएफ) एक्शन में आ गई और हंगामा करने के वाले 10-12 युवकों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। पुलिस कार्रवाई के बाद पुलिस की सुरक्षा में कांवड़ियों के जत्थे को ग्राम इमरतपुर सिरसी तक पहुंचाया गया। 

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