दंगो का आरोपी तौकीर सत्ता को चुनौती दे कर जा रहा था #कासगंज, लेकिन पुलिस ने निकाल दी सारी हेकड़ी

कासगंज में 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान पाकिस्तान परस्त लोगो द्वारा हिंसा की गई, जिसमे चन्दन गुप्ता की गोली लगने से जान चली गई . अगर देखा जाये तो क्या गलती थी उन राष्ट्रभक्तों की जो तिरंगा यात्रा में शामिल होकर तिरंगा फेहरा रहे थे. लेकिन पाकिस्तान परस्त लोगो को ये देशभक्ति इस कदर चुभी कि उन्होंने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए उन राष्ट्रभक्तों पर हमला बोल दिया. और अब वही पाकिस्तान परस्त लोग उन जख्मों को कुरेदने की कोशिश कर रहे है जो उनके ही द्वारा दिए है.

बता दे हिंसा के बाद कासगंज में राजनितिक नेताओं के दौरे पर प्रतिबंध लगा हुआ है लेकिन इसके बावजूद भी आईएमसी अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा कासगंज के दौरे पर निकले. जैसे ही पुलिस को रजा के दौरे की जानकारी मिली तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रजा को हिरासत में ले लिया है. मजहबी ठेकेदार अब राष्ट्रभक्तों की ही दोषी करार करने पर आमादा हो गए है. देश के हित में काम करने वाली सरकार पर ही ये मजहबी ठेकेदार हिंसा कराने का आरोप लगा रहे है.पुलिस का साफ़ कहना है कि क़ानून का पालन हर किसी को करना ही होगा भले ही वो कोई भी हो . 

दरअसल तौकीर रजा ने 2 दिन पहले ऐलान किया था कि वह 1 फरवरी को कासगंज का दौरा करेगे. . उन्होंने कानून को चुनौती देते हुए कहा था कि कोई रोक सके तो रोक लें उन्हें लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही हिरासत में ले लिया. रजा ने मीडिया से देश में अमन बनाए रखने की बात की, लेकिन अमन की बात करने वाले ये वही तौकीर रजा जिन्होंने राष्ट्रगान पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट और सरकार को मिलकर नया राष्ट्रगान बनाना चाहिए.
यहाँ ये ध्यान रखने योग्य है कि ये तौकीर वही है जिस पर दंगे करवाने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगे हैं . 

Share This Post

Leave a Reply